विश्वास…

जब व्यक्ति अपने विवेक पर अटूट विश्वास रखता है और परिस्थितियों से लड़ने का साहस जुटाता है, तब वह कठिन परिश्रम और अनुशासन के पालन से अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। धैर्य और आशा का संबल, असफलताओं से न घबराना और सही दिशा में सतत प्रयास करना सफलता की गारंटी बनते हैं। समयबद्धता का सम्मान, ज्ञान पर भरोसा और हौसला बनाए रखना, मुश्किल घड़ियों में भी व्यक्ति को झुकने नहीं देता। अच्छे कर्मों से व्यक्ति का नाम रोशन होता है, और जब लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहता है, तो सफलता की राह स्वतः प्रशस्त हो जाती है।

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रात में दिल को सुरक्षित रखने के लिए सही नींद जरूरी

हृदय विशेषज्ञों के अनुसार रात के समय दिल के दौरे का जोखिम केवल बीमारी पर नहीं, बल्कि सोने की मुद्रा और नींद से जुड़ी आदतों पर भी निर्भर करता है. हाल के अध्ययनों और अनुभवी आईसीयू नर्सों की सलाह के मुताबिक, बाईं करवट हल्के मुड़े घुटनों के साथ सोना दिल पर दबाव कम करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है. हालांकि, केवल मुद्रा बदलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ अतिरिक्त सावधानियां अपनाना भी जरूरी है.

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एक आत्मविश्वासी भारतीय महिला खुले आकाश के नीचे खड़ी है, एक हाथ में किताब और दूसरे में तलवार का प्रतीकात्मक रूप, चेहरे पर दृढ़ता और गरिमा का भाव।

नारी

“नारी” एक प्रेरणादायक हिंदी कविता है जो स्त्री को शक्ति, साहस, गरिमा और सृजन की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत करती है। यह रचना नारी के मातृत्व, संघर्ष, शिक्षा, विज्ञान और आत्मरक्षा में अग्रणी स्वरूप को सम्मानपूर्वक नमन करती है।

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आज भी है…

तेरी चाहत आज भी मेरे पहलू में जिंदा है। तू अपनी ज़िंदगी में मुझे कभी मयस्सर न हुआ, लेकिन मेरे खयालों में तू आज भी मौजूद है। मैं तेरी यादों को अक्सर रुख़सत कर देती हूँ, लेकिन वे ख्वाबों की दहलीज़ पर दस्तक देकर फिर लौट आती हैं। मुद्दतें बीत गईं, दिन ढले, रातें गुज़रीं, मगर सीने में वही खलिश आज भी बाकी है। दिल अक्सर कहता है कि रूबाइयों के कुछ पल मेरे हिस्से में भी होंगे, और मैं उन लम्हों की आस में जीती रहती हूँ। तेरी यादों को मैं तकिए के नीचे महफूज़ रख देती हूँ, मगर आँसुओं से वह तकिया आज भी भीगता रहता है।

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एक जोड़ा चुपचाप शाम के समय एक शांत कमरे में बैठा है, पुरुष अपनी प्रेमिका के पास हाथ रखकर, दोनों के चेहरे पर कोमल भाव, हृदय की धड़कन और नज़दीकी की अनुभूति साफ़ झलक रही है।

चुपचाप, बस तुम्हारे पास

उनके साथ बिताया हर पल कुछ अलग ही होता था। न वो कुछ कहते, न ही जताते, फिर भी उनकी उपस्थिति में सब कुछ पूरा लगता। इंतजार भी मीठा लगता और दिल की धड़कन की रफ़्तार को संभालते हुए, हम बस उनके पहलू में बैठते रहते। शामें इतनी खामोशी से गुजरतीं कि शब्द भी कम पड़ जाते, और हर लम्हा अपने आप में रूह तक पहुँचने वाला एहसास बन जाता। यही वह समय था, जब मौन ही सबसे गहरी बातें कह जाता।

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‘सावन की सहेलियां’ में खूब बिखरीं तीज की छटा

पारीक समाज महिला मंडल, पुणे द्वारा सावन और तीज के पावन पर्व को बड़ी धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। “सावन की सहेलियाँ” नामक इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन खासतौर पर समाज की महिलाओं के लिए किया गया, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और नृत्य ने सभी को सावन के उल्लास में डुबो दिया।

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अकेला व्यक्ति उदास बैठा हुआ, दिल टूटने और तन्हाई के भाव को दर्शाता हुआ

क्या कहें हम

यह ग़ज़ल टूटे दिल, अधूरी उम्मीदों और बेवफाई के गहरे दर्द को बयां करती है। हर शेर उस पीड़ा को छूता है, जहाँ अपना ही इंसान अजनबी बन जाता है। यह रचना उन अनकहे जज़्बातों की आवाज़ है, जिन्हें शब्दों में कहना आसान नहीं होता।

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सड़क पर अपमानित खड़ी एक रोती हुई युवती, पृष्ठभूमि में धुंधला शहर और भावुक माहौल

मोहब्बत एक ज़हर

“मोहब्बत एक ज़हर” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो प्रेम में अपमान, सामाजिक भय, और माता-पिता के सम्मान के बोझ तले टूटती एक बेटी की पीड़ा को दर्शाती है। यह कविता युवा भावनाओं, पछतावे और परिवार की प्रतिष्ठा के संघर्ष को संवेदनशील शब्दों में अभिव्यक्त करती है।

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प्रभु दर्शन की चाह में तड़पती आत्मा आकांक्षा कविता

आकांक्षा

“आकांक्षा” एक संवेदनशील भक्ति कविता है, जिसमें एक भक्त की प्रभु के साक्षात दर्शन पाने की गहरी तड़प और आत्मिक संवाद को बेहद मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया गया है.

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छोड़ आये अपना वो गांँव…

“छोड़ आये अपना वो गाँव” में कवि अपने बचपन और गाँव की यादों को भावपूर्ण ढंग से व्यक्त करते हैं। यह कविता गाँव की सरल, प्राकृतिक और आत्मीय जीवन शैली के सुंदर चित्रण से भरी है—बैलगाड़ियाँ, खेतों की हरियाली, पनिहारन की पायल की झनकार, बुजुर्गों की चौपाल और सुबह की ग्रामीण रौनक। शहर की चमक-धमक, गगनचुंबी इमारतें और व्यस्त जीवन के बीच कवि को गाँव की मिट्टी, पेड़ों की छांव और अपनापन याद आता है। कविता यह दर्शाती है कि चाहे जीवन कितनी भी व्यस्त या आधुनिक क्यों न हो, अपने गाँव और सरल जीवन की याद हमेशा हृदय में बनी रहती है, और व्यक्ति को फिर से लौटने की लालसा जगाती है।

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