माइलेज ज्यादा, लेकिन कीमत भी भारी, कौन-सी कार आपके बजट के हिसाब से है
पेट्रोल कारों और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों के बीच माइलेज का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही हाइब्रिड तकनीक की कीमत भी लाखों रुपये ज्यादा है. ऐसे में कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के सामने यह बड़ा सवाल है कि बेहतर माइलेज के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना सही फैसला है या नहीं.
जो ग्राहक एसयूवी और सेडान सेगमेंट में प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव के साथ बेहतर ईंधन दक्षता चाहते हैं, उनके लिए स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें एक आकर्षक विकल्प बन रही हैं. हालांकि, पेट्रोल वेरिएंट की तुलना में हाइब्रिड वर्जन की शुरुआती कीमत काफी अधिक है, जिससे बजट-फ्रेंडली खरीदारों के लिए निर्णय लेना आसान नहीं रहता.
मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा पेट्रोल, सीएनजी और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जैसे कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ आती है. इसका पेट्रोल वर्जन 21.11 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन 27.97 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देता है. पेट्रोल मॉडल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.76 लाख रुपये है, वहीं हाइब्रिड वर्जन 16.63 लाख रुपये से शुरू होता है.
होंडा सिटी ई-एचईवी सेडान पेट्रोल सिटी का हाइब्रिड विकल्प है. पेट्रोल वर्जन का माइलेज 17.8 किलोमीटर प्रति लीटर है, जबकि सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड वर्जन 27.26 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है. इसकी कीमत पेट्रोल मॉडल के लिए 11.95 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि हाइब्रिड मॉडल की शुरुआती कीमत 19.48 लाख रुपये है.
टोयोटा अर्बन क्रूजर हायराइडर में पेट्रोल वर्जन 20.60 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन 27.97 किलोमीटर प्रति लीटर तक पहुंचता है. पेट्रोल मॉडल की शुरुआती कीमत 11.14 लाख रुपये है, जबकि हाइब्रिड वर्जन 16.66 लाख रुपये से शुरू होता है.
नई मारुति सुजुकी विक्टोरिस में भी पेट्रोल और हाइब्रिड के बीच यही अंतर नजर आता है. पेट्रोल वर्जन 21 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है और इसकी कीमत 10.50 लाख रुपये से शुरू होती है. वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन 28.65 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है और इसकी शुरुआती कीमत 16.38 लाख रुपये है.
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें उन ग्राहकों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होती हैं, जिनकी रोजाना ड्राइविंग 50 किलोमीटर या उससे अधिक है. कम दूरी तय करने वाले उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल कार की तुलना में हाइब्रिड पर अतिरिक्त खर्च लंबे समय में बहुत बड़ा आर्थिक लाभ नहीं देता.
