उज्जैन-इंदौर ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण, खेतों के बीच बनता चौड़ा हाईवे और चल रही मशीनें

उज्जैन-इंदौर ग्रीन कॉरिडोर: 35 मिनट में सफर

उज्जैन-इंदौर के बीच बन रहा 48 किमी ग्रीन कॉरिडोर सफर को 35 मिनट में सिमटाएगा और सिंहस्थ 2028 से पहले क्षेत्रीय विकास का बड़ा आधार बनेगा.

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81 वर्षीय पिता फोन पर बात करते हुए, सामने चिंतित बेटा-बहू और लैपटॉप-मोबाइल के साथ साइबर ठगी का दृश्य, घर में पुलिस पहुंचती हुई

81 साल के पिता बने हीरो, बेटे को ठगी से बचाया

: जहां साइबर ठग अक्सर बुजुर्गों को निशाना बनाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हैं, वहीं निगडी में एक 81 वर्षीय पिता ने अपनी सूझबूझ से ठगों की पूरी साजिश नाकाम कर दी. उनकी सतर्कता से उनके बेटे और बहू को लाखों रुपये की ठगी से बचाया जा सका.

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anupam kher

उज्जैन में महाकाल मंदिर पहुंचे फिल्मी सितारे

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान फिल्मी जगत के कई सितारे शामिल हुए। पंजाबी फिल्मों के अभिनेता और सिंगर अमित भल्ला पारंपरिक पोशाक पहनकर भस्म आरती में सम्मिलित हुए और बाबा महाकाल के दर्शन किए।

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ratna writer

डॉ. रत्ना मानिक : एक संवेदनशील लेखिका

डॉ. रत्ना मानिक एक ऐसी हिंदी लेखिका हैं, जो समाज की पीड़ा, मानवीय संवेदनाओं और ज्वलंत मुद्दों को अपनी सशक्त और स्पष्ट लेखनी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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एक भारतीय परिवार का भावनात्मक दृश्य जिसमें दादा-दादी, माता-पिता और एक बेटी पारंपरिक माहौल में साथ खड़े हैं; बेटी आदरपूर्वक बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर रही है, घर में स्नेह, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का वातावरण दिखाई दे रहा है।

रिवाज़ और रिश्तों की रखवाली

यह कविता रिश्तों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाती है, जिसमें बुज़ुर्गों का सम्मान, बेटियों की सुरक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर संदेश दिया गया है।

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वृन्दावन नाव हादसा: य

यमुना में हादसा या सिस्टम की विफलता ?

वृन्दावन में यमुना नदी में हुआ नाव हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई, संचालकों की लापरवाही और जनता की अनदेखी का परिणाम है। यह घटना सामूहिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है।

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लाल जोड़े में सजी एक भारतीय दुल्हन विदाई के समय आँसुओं से भरी आँखों के साथ पीछे की ओर चावल फेंकती हुई दिख रही है, पास में खड़े माता-पिता भावुक हैं और शादी का सजा हुआ मंडप पृष्ठभूमि में दिखाई दे रहा है।

कन्यादान

यह भावनात्मक कविता एक दुल्हन के विवाह के हर पल को जीवंत करती है शर्माती मुस्कान से लेकर विदाई के आँसुओं तक। इसमें माँ-बाप से बिछड़ने का दर्द, नए जीवन की शुरुआत और रिश्तों की गहराई को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

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ऑनलाइन काव्य गोष्ठी

कविता, ग़ज़ल और नज़्म की रंगीन शाम

राष्ट्रीय साहित्य नवरत्न मंच के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में देशभर के कवि-कवयित्रियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। गूगल मीट के माध्यम से हुए इस भव्य आयोजन में कविता, ग़ज़ल और नज़्म के जरिए प्रेम, समाज, नारी चेतना और देशभक्ति के विविध रंग देखने को मिले।

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“मन का कोना” गोष्ठी में कविता पाठ करते साहित्यकार, कांदिवली मुंबई

कविता की महफिल में सजी ‘मन का कोना’ गोष्ठी

मुंबई के कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स में आयोजित “मन का कोना” साहित्यिक गोष्ठी में रचनाकारों ने काव्यपाठ से समां बांध दिया। इस मासिक आयोजन में बढ़ती भागीदारी इसके विस्तार और लोकप्रियता का संकेत दे रही है।

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अक्षय तृतीया पर सेवा का अनोखा उदाहरण

अक्षय तृतीया पर सेवा, संस्कार और उत्सव का संगम

कांठेड़ परिवार ने अक्षय तृतीया पर गौशाला में सेवा कर जन्मदिन और व्यवसाय की वर्षगांठ को खास अंदाज में मनाकर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।

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