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घर के आँगन में अकेला बैठा वृद्ध पिता, हाथ में बेटी की पुरानी तस्वीर, चेहरे पर दर्द और आँखों में नमी, पृष्ठभूमि में खाली दरवाज़ा और सांझ का धुंधलका।

भागी हुई बेटी का पिता

एक बेटी के घर छोड़ जाने के बाद पिता के मन में उठने वाले अपराधबोध, गुस्से, सामाजिक अपमान और अंततः प्रेम की स्वीकृति का बेहद मार्मिक चित्रण। यह कविता केवल एक पिता की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय समाज की जटिल मानसिकता और रिश्तों की गहरी पड़ताल है।

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घोंसले से पहली बार उड़ान भरते गौरैया के बच्चे, पास में उनके माता-पिता और खिड़की से आती सुनहरी सुबह की रोशनी।

खाली घोंसला, भरा हुआ मन

घर के एक छोटे से कोने में बसे गौरैया के घोंसले ने जीवन का ऐसा पाठ सिखाया, जिसे शायद बड़ी-बड़ी किताबें भी नहीं सिखा पातीं। नन्हे पंखों की पहली उड़ान, माता-पिता का निस्वार्थ प्रेम और फिर सही समय आने पर उन्हें खुले आसमान के हवाले कर देना— यही प्रकृति का सबसे सुंदर संदेश है। गौरैया के बच्चों की विदाई ने यह एहसास कराया कि सच्चा प्रेम किसी को बाँधता नहीं, बल्कि उसे इतना सक्षम बनाता है कि वह आत्मविश्वास के साथ अपनी राह चुन सके।

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अपनी बिटिया को स्नेह से गोद में लिए एक भारतीय माँ का भावपूर्ण दृश्य

बिटिया

“बिटिया” एक भावपूर्ण कविता है जो बेटी के जन्म से लेकर उसके प्रेम, विश्वास और जीवन में उसके अमूल्य स्थान को शब्द देती है। यह रचना बेटियों को ईश्वर का अनुपम उपहार मानते हुए उनके प्रति सम्मान, स्नेह और गर्व की भावना व्यक्त करती है।

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चोर को पकड़ने के बाद भी भूख के डर से जूझता एक गरीब मजदूर शंभू

डर

चोर को पकड़ने वाला साहसी शंभू किसी इंसान से नहीं डरता, लेकिन जब पत्नी उससे उसके सबसे बड़े डर के बारे में पूछती है, तो उसका उत्तर समाज की सबसे कड़वी सच्चाई उजागर कर देता है—भूख।

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नए विचारों और सकारात्मक परिवर्तन की कल्पना करता एक चिंतनशील युवा

नया मन

“नया मन” केवल एक कविता नहीं, बल्कि जड़ हो चुके विचारों, पूर्वाग्रहों और दूषित सामाजिक यथार्थ के विरुद्ध एक संवेदनशील पुकार है। यह रचना ऐसे नए मन, नए विचार और नई चेतना की कल्पना करती है, जो निष्कलुष, मानवीय और सत्यनिष्ठ हो। कविता पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है और एक बेहतर समाज की संभावना को स्वर देती है।

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शहर में अपने लापता बेटे की तलाश करती बिहार की एक संघर्षशील माँ

तलाश

बिहार के एक छोटे से गाँव की सावित्री अपने लापता बेटे की तलाश में शहर पहुँच जाती है। अनेक कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद वह हार नहीं मानती और अपनी ममता की ताकत से अपने बेटे को ढूँढ़ निकालती है। यह कहानी माँ के अटूट प्रेम और साहस का अद्भुत उदाहरण है।

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एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ते विद्यार्थी, जो एकता, सहयोग और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।

जब हम साथ होते हैं…

जब लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ते हैं, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। यह प्रेरक कहानी आत्मविश्वास, सहयोग और एकता की शक्ति का सुंदर संदेश देती है।

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पूजा सामग्री की दुकान में आपस में चर्चा करती दो कौड़ियाँ और पास में हँसता हुआ कॉकरोच, जो सामाजिक और मीडिया व्यंग्य का प्रतीक है।

उलझन

जब कौड़ियाँ चर्चा का विषय बन जाएँ, पत्रकार और शिक्षक आमने-सामने खड़े हो जाएँ और कॉकरोच हँसने लगें, तब जन्म लेता है एक ऐसा व्यंग्य जो समाज की विडंबनाओं को आईना दिखाता है।

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उगते सूरज की रोशनी में मुस्कुराते युवा, जो सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक हैं।

मुस्कान: जीवन का सबसे सुंदर आभूषण

मुस्कान जीवन की वह अनमोल शक्ति है जो कठिन परिस्थितियों में भी आशा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार करती है। युवाओं के लिए यह सफलता की यात्रा का सबसे मजबूत साथी है।

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वीणा धारण किए श्वेत कमल पर विराजमान माँ सरस्वती का दिव्य और शांत स्वरूप।

सरस्वती वंदना

हे स्वामिनी, ज्ञानदायिनी, भक्ति-प्रकाश उर में भर दे। माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक, संयम और शुद्ध लेखनी का वरदान माँगती यह सुंदर वंदना मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।

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