घट-घट में बसे हैं राम
हर कण में, हर श्वास में, हर भाव में राम का वास है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि सच्ची शांति बाहर नहीं, बल्कि अपने ही हृदय में बसे राम के स्मरण में है।

हर कण में, हर श्वास में, हर भाव में राम का वास है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि सच्ची शांति बाहर नहीं, बल्कि अपने ही हृदय में बसे राम के स्मरण में है।
साहित्य संकल्प, राँची इकाई द्वारा प्रथम ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर साबित हुआ, जिसमें देशभर के रचनाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उर्मिला सिन्हा ने की। कार्यक्रम का संयोजन, संचालन एवं स्वागत उद्बोधन अर्पणा सिंह ‘अर्पी’ ने कुशलतापूर्वक किया।
यह कविता पिता की स्मृतियों और उनके वात्सल्य को समर्पित एक भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। गुलमोहर की घनी छाँव और बचपन का घर कवयित्री के लिए पिता के स्नेह, सुरक्षा और अपनत्व का प्रतीक बन जाते हैं। पिता के दिए लाड़-दुलार, हर चिंता को समझने और कठिन समय में साथ देने की यादें आज भी उनके मन में जीवित हैं। पिता के जाने के बाद उनकी कमी और भी गहराई से महसूस होती है। कविता में बेटी अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है और मन में एक बार फिर उनकी गोद में सिर रखने की भावुक इच्छा प्रकट करती है।
सोने-चांदी के बाजार में बुधवार को ऐसा तूफान आया कि इतिहास के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए. चांदी ने पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 2 लाख 6 हजार रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बना लिया. एक ही दिन में चांदी की कीमत में 9,500 रुपये की जबरदस्त उछाल दर्ज की गई. वहीं सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर मजबूती से टिका हुआ है. 24 कैरेट सोना 1 लाख 36 हजार 500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है.
छिन चुकी थीं एक छत, जो बँटवारे की भेंट चढ़ गई थी और मजबूरी में बेचनी पड़ी थी।
वैसे तो सविता को ज़मीन-जायदाद से कोई मोह नहीं था, लेकिन एक रहने को घर तो चाहिए ही था — जो अपना होता। पर जमीनी लालची अपनों ने ही उसका घर छीन लिया था। कानूनी दांव-पेंच में सविता को अपनी पतंग काटने में बरसों लग गए।
जीवन बिखरे तिनकों को समेटने में बीत रहा था। ख्वाहिशों की आग भी अब मध्यम हो चुकी थी।
इस्लामाबाद.पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर भूख और महंगाई संकट का सामना कर रहा है. गेहूं और आटे की कीमतों में बेतहाशा उछाल ने हालात बिगाड़ दिए हैं. सरकार भले ही पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही हो, लेकिन बाजार की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है. कराची समेत देशभर…
बारिश और बचपन की यादों में खोई अनु की कहानी। इंद्रधनुष, कागज़ के जहाज और नहर किनारे की खेल-खिलवाड़ भरी यादें जीवंत कर देती हैं बचपन की मासूमियत।
तीन दिन, एक शहर और उम्र भर की यादें” राघव और रिद्धिमा की ऐसी भावनात्मक प्रेम कहानी है, जिसमें एक छोटी-सी मुलाकात जीवनभर की स्मृतियों में बदल जाती है। अदरक वाली चाय, मेहंदी में छिपा नाम, छत पर बिताई तारों भरी रात और स्टेशन पर बिछड़ने का दर्द ये छोटे-छोटे पल उनके रिश्ते की सबसे बड़ी पूंजी बन जाते हैं। यह कहानी बताती है कि सच्चे रिश्तों में दूरी मायने नहीं रखती, क्योंकि कुछ मुलाकातें समय से नहीं, दिल से जुड़ी होती हैं।