बेटी की सफलता और माँ के समर्थन को दर्शाती प्रेरणादायक लघुकथा का दृश्य

सौ सुनार की, एक लोहार की

सौ सुनार की, एक लोहार की!” एक प्रेरणादायक लघुकथा है, जिसमें एक माँ अपनी बेटी के सपनों के साथ खड़ी होती है और बेटी अपनी मेहनत से समाज की सोच को करारा जवाब देती है।

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महाकाल मंदिर की संपत्ति पर सवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मांगा आय और जमीन का पूरा हिसाब

महाकाल मंदिर की संपत्ति पर सियासी हलचल

उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने विधानसभा में प्रश्न उठाकर श्री महाकालेश्वर मंदिर की संपत्ति, दान, आय और व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा है. धार्मिक न्यास विभाग ने जानकारी एकत्रित किए जाने की बात कही है, जिससे मंदिर प्रबंधन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

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सच या मान्यता ?

हम जैसा सोचते हैं, वैसा ही देखने और मानने लगते हैं। यही प्रवृत्ति “कंफर्मेशन बॉयस” कहलाती है। सच्चाई चाहे कुछ भी हो, हमारा दिमाग उसे उसी रूप में देखना चाहता है जैसा हम मानते हैं। यही कारण है कि किसी व्यक्ति, विचार या विचारधारा से जुड़ने के बाद हम उसकी गलतियाँ भी नजरअंदाज कर देते हैं। असल में दिक्कत सच्चाई में नहीं होती दिक्कत हमारे देखने के “चश्मे” में होती है। कई बार दाग हकीकत में नहीं, चश्मे पर ही होते हैं।

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काम से लौटे पिता का अपने बच्चों के साथ भावनात्मक और स्नेहपूर्ण दृश्य

पिता : बिना दुनिया अधूरी

पिता केवल परिवार का आधार नहीं, बल्कि वह मौन शक्ति हैं जो अपने सपनों से पहले बच्चों की खुशियों को चुनते हैं। यह कविता पिता के प्रेम, त्याग और अपनत्व को समर्पित है।

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आधुनिकता बनाम परंपरा को दर्शाता भावुक और प्रेरणादायक कलात्मक चित्र

मेरे नयन तरस गए भगवन

यह कविता वर्तमान समाज की बदलती सोच, सोशल मीडिया के प्रभाव और घटते संस्कारों पर गहरी चोट करती है। धरती माँ की पुकार के माध्यम से यह रचना वीर शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान योद्धाओं के आदर्शों को पुनर्जीवित करने का संदेश देती है। ब्रह्मा, विष्णु और महादेव के संवादों के जरिए यह कविता आत्मचिंतन, संस्कार और वीरता को फिर से अपनाने की प्रेरणा देती है।

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प्रकृति के बीच बहती नदी, पलाश के फूल और जीवन के प्रवाह को दर्शाता शांत दृश्य

पल-पल जीवन

“पल-पल जीवन” कविता जीवन के निरंतर बहाव, संघर्ष और सौंदर्य को दर्शाती है। इसमें प्रकृति के माध्यम से जीवन के विभिन्न रूपों खुशी, विवशता, आशा और संघर्ष का चित्रण किया गया है। यह कविता हमें सिखाती है कि हर कठिन समय के बाद भी जीवन आगे बढ़ता रहता है और नई उम्मीदें जन्म लेती हैं।

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भारतीय संस्कृति में नारी का महत्व और नारी शक्ति को दर्शाता प्रेरक लेख

नारी: सृजन, शक्ति और साहस का अद्भुत संगम

भारतीय संस्कृति में नारी को सदा से देवी का स्वरूप माना गया है। यह लेख नारी की शक्ति, त्याग, ममता और साहस को दर्शाता है और बताता है कि नारी कभी भी कमजोर नहीं रही। नारी सृष्टि की आधारशिला है और हर रूप में सम्माननीय है।

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उम्मीद की किरण

सब कुछ बदलता है, और जब समय रोगग्रस्त हो जाता है, तो समाज भी अपने अंदर रोग छुपाए रहता है। दिलों में प्यार की कमी और भेदभाव का विष फैलता है, शांति पर चोट पहुँचती है और अशांति का बोलबाला होता है। भूख और पीड़ा में घिरी मासूम बच्ची इसका प्रतीक है—सूखे स्तन और अमुक्त शरीर से उसकी प्यास कैसे बुझेगी? ना ऊपर कोई छत है, ना कोई आवरण। यह समय रोगग्रस्त है, हवा भी विचलित है, लेकिन फिर भी कहीं न कहीं उम्मीद की एक किरण जलती रहती है।

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अशुद्ध जल सप्लाई : एसडीएम ने मामला किया खारिज

नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा शहर को लगातार आठ दिनों तक मटमैला, मिट्टीयुक्त और अशुद्ध जल सप्लाई किए जाने की स्वयं की लिखित स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद भी एसडीएम द्वारा प्रकरण को आंशिक आपत्ति स्वीकार कर खारिज कर देना पूरे शहर में गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. आवेदक अभय चोपड़ा ने इस निर्णय को सत्ताधारी दल के दबाव में लिया गया बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 151 से 164 के अंतर्गत दंडनीय अपराध बनता है.

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मकाँ

एक जर्जर मकाँ खंडहर की तरह ढहता दिखाई देता है। कभी उसी छत के नीचे बच्चों की चहचहाहट गूँजती थी, माँ और बाबा की बातें घर को जीवंत बना देती थीं। आज वातावरण उदासी और रंजो-ग़म से भरा है, मानो साँसें भी उखड़-सी गई हों। दिल बार-बार उसी पुराने आशियाने को ढूँढता है, जहाँ अपनापन और जीवन की गर्माहट हुआ करती थी।

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