साधु वासवानी की 146वीं जयंती पर करुणा और शाकाहारी संदेश का उत्सव

पुणे से सुरेश परिहार की रिपोर्ट
करुणा, शांति और शाकाहारी जीवनशैली के संदेश को समर्पित इंटरनेशनल मीटलेस डे इस वर्ष भी वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर मनाया गया। गुरुदेव साधु टी. एल. वासवानी की 146वीं जयंती के अवसर पर दुनियाभर में आध्यात्मिक कार्यक्रम, रैलियाँ, रचनात्मक गतिविधियाँ, सेवा-कार्य और सरकारी पहल आयोजित की गईं। इस मौके पर ३२,९९,४१३ लोगों ने मीटलेस डे मनाने का संकल्प लिया और ८,९१,८०,७५९ समर्थकों ने इस पहल का समर्थन किया। इसके अलावा २,६४७ व्यक्तियों ने जीवनभर शाकाहारी रहने का निर्णय लिया और भारत के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों स्लॉटरहाउस पूरे दिन बंद रहे।

मिशन मुख्यालय, पुणे में आध्यात्मिक सत्र, विशेष सेवा-कार्य और सामुदायिक लंगर आयोजित किए गए, जबकि विश्वभर में विद्यालयों, केंद्रों और सामाजिक संस्थाओं में रैलियाँ, प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ और संकल्प समारोह आयोजित हुए। अमेरिका में आयोजित ‘Feast for Peace’ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण माइकलिन-स्टार शेफ विकास खन्ना रहे, जिन्होंने युवा और भोजन प्रेमियों को शाकाहारी व्यंजन बनाना सिखाया और पौधों-आधारित जीवनशैली के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभ समझाए। इसी तरह के कुकिंग वर्कशॉप्स सेंट थॉमस, डलास और जकार्ता में भी आयोजित हुए। भारत में बेंगलुरु और दिल्ली के युवा समूहों ने भी इसी थीम पर विशेष भोजन-कार्यक्रम आयोजित किए।

पुणे, उल्हासनगर, बिलासपुर, इंदौर और अहमदाबाद सहित कई शहरों में विशाल शांति रैलियाँ निकाली गईं। साधु वासवानी इंटरनेशनल स्कूल में ३,२०० प्रतिभागियों की भव्य रैली का शुभारंभ पूजनीय दीदी कृष्णा, प्रमुख—साधु वासवानी मिशन ने किया और बच्चों को शाकाहार का संदेश जन-जन तक पहुँचाने की प्रेरणा दी। मिशन मुख्यालय, पुणे में दिन की शुरुआत भजनों, प्रार्थना और ध्यान से हुई, इसके बाद विकलांग भाई-बहनों के लिए विशेष सेवा-कार्य आयोजित किया गया, जिसमें कृत्रिम अंगों का वितरण भी किया गया। विशिष्ट आध्यात्मिक वक्ता स्वामी मुकुंदानंद ने गुरुदेव साधु टी. एल. वासवानी की शिक्षाओं और जीवन-दर्शन पर प्रेरक संबोधन दिया।
गुरुदेव साधु टी. एल. वासवानी की 146वीं जयंती पर मनाया गया इंटरनेशनल मीटलेस डे विश्वभर में करुणा, अहिंसा और सर्वजीव हितैषी सोच का प्रतीक बनकर उभरा और यह संदेश दिया कि शाकाहार केवल भोजन की शैली नहीं, बल्कि मानवता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है।

Dry day ki tarah meatless day bhi manaya jata hai yeh jankari dene ke liye shukriya.