हत्या का खुलासा; ‘माही’ फर्जी इंस्टाग्राम खाते से रची थी साजिश
केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया; डिजिटल फॉरेंसिक जांच में मिटाए गए चैट और कॉल रिकॉर्ड बरामद
पुणे। उद्यमी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ से खाई में गिरने से हुई मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिया गोयल का जन्मदिन अलग अंदाज में लोहगढ़ पर मनाकर उसे सरप्राइज देने के नाम पर ‘माही’ नाम के फर्जी इंस्टाग्राम खाते से साजिश रची गई थी। इसी के तहत केतन अग्रवाल को लोहगढ़ ले जाया गया। खाई के पास सिया गोयल ने केतन को धक्का दिया, जबकि चेतन बाबुलाल चौधरी ने उसे लात मारकर खाई में गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। उद्यमी केतन विशाल अग्रवाल (25 वर्ष, निवासी लोढ़ा बेलमोंटो टावर, गहुंजे, तहसील मावल) की 18 जून को लोहगढ़ से खाई में गिरने से मौत हुई थी। पुणे ग्रामीण पुलिस ने जांच के बाद इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया और सिया प्रविण गोयल (20 वर्ष, निवासी लीलाकुंज, गंगाधाम-बिबवेवाडी रोड, बिबवेवाडी) तथा चेतन चौधरी (22 वर्ष, निवासी पार्श्वनाथनगर, कोंढवा) को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके साथी रितेश संजय हिंगे (निवासी बालेवाडी) को भी गिरफ्तार किया गया।
केतन की हत्या के बाद आरोपियों ने ‘माही’ नाम से बनाया गया फर्जी इंस्टाग्राम खाता डिलीट कर दिया था। हत्या की साजिश के दौरान किए गए चैट और कॉल रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए थे। हालांकि, पुलिस ने डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक की मदद से डिलीट किया गया डेटा फिर से प्राप्त कर लिया। इससे ‘माही’ इंस्टाग्राम खाते का खुलासा हुआ और पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले।
5,053 पन्नों का आरोपपत्र
पुणे ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हिंगे के खिलाफ दाखिल किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल्ल के नेतृत्व में हुई जांच में डिजिटल, साइबर, तकनीकी और न्यायवैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं।मामले में 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं। आरोपपत्र के साथ चिकित्सा एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपियों की गतिविधियों का विश्लेषण, चाल-ढाल का विश्लेषण, घटनास्थल का पुनर्निर्माण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हॉट्सऐप और अन्य चैट का विवरण, डिजिटल डेटा तथा न्यायवैज्ञानिक जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सिया और चेतन ने मार्च 2025 में नवी सांगवी की एक 21 वर्षीय युवती की लोहगढ़ से गिरकर हुई मौत और उससे संबंधित जानकारी इंटरनेट पर खोजी थी। इसके अलावा, देशभर में चर्चित सोनम रघुवंशी हत्याकांड का भी दोनों ने गहन अध्ययन किया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने अपराध से संबंधित जानकारी और हत्या की घटनाओं पर आधारित फिल्में देखी थीं।
रितेश हिंगे की ‘सलाहकार’ भूमिका
जांच में सामने आया कि केतन की हत्या की साजिश में चेतन के मित्र रितेश हिंगे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केतन के साथ क्या किया जाए, उसके हाथ-पैर काटे जाएं या किसी अन्य व्यक्ति को हत्या की सुपारी दी जाए, इस संबंध में हुई चर्चाओं में हिंगे शामिल था।आरोपपत्र के अनुसार, वारदात के बाद पुलिस की कार्रवाई से कैसे बचा जाए, घटनास्थल पर सीसीटीवी नहीं होना चाहिए और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैसे बचना है, इस संबंध में भी हिंगे ने सिया और चेतन को मार्गदर्शन दिया था।
