रात भर एक करवट है माँ
यह माँ के बिछड़ जाने के बाद भी हर याद, हर एहसास और हर छोटी चीज़ में उनकी मौजूदगी को महसूस करने की मार्मिक अनुभूति को शब्द देता है।

यह माँ के बिछड़ जाने के बाद भी हर याद, हर एहसास और हर छोटी चीज़ में उनकी मौजूदगी को महसूस करने की मार्मिक अनुभूति को शब्द देता है।
यह कविता माँ के उस अथाह प्रेम, त्याग और संघर्ष को समर्पित है, जो अपने बच्चों की खुशियों और भविष्य के लिए हर कठिनाई सहकर भी मुस्कुराती रहती है।
यह कविता माँ की ममता, उसके संघर्ष, त्याग और बच्चों के लिए उसके अथाह प्रेम को बेहद भावुक और सुंदर शब्दों में प्रस्तुत करती है।
यह कविता माँ के साथ बिताए गए उन अनमोल पलों की स्मृतियों को सजीव करती है, जहाँ ममता, त्याग, अनुशासन और प्रेम की खुशबू हर शब्द में महसूस होती है।
यह कविता सपनों के माध्यम से माँ और संतान के रिश्ते की उस गहराई को छूती है, जहाँ प्रेम स्वार्थ नहीं बल्कि त्याग बन जाता है. महानगर की चकाचौंध के बीच यह रचना याद दिलाती है कि असली ऊर्जा माँ की आँखों में छुपी होती है, और सपनों का सच होना तभी सार्थक है जब उसमें उसकी साँसें बाकी रहें.
माँ जो बिना कहे हर दुख समेट लेती है और हर सुख में चुपचाप पास खड़ी रहती है। माँ की उपस्थिति यहाँ दूरी से परे, स्मृति और आत्मा में रची-बसी हुई है—ऐसी शक्ति जो कभी जुदा नहीं होती।
बाई पढ़ी-लिखी नहीं थीं, पर जीवन की भाषा उन्हें पूरी तरह आती थी। बचपन की जिम्मेदारियों ने उन्हें समय से पहले माँ बना दिया। स्वाभिमान उनकी साँसों में था और ममता उनके कर्मों में। टूटकर भी न बिखरने वाली इस स्त्री ने चुपचाप पूरा घर थामे रखा और अंत में, हरी रेखाओं के बीच, अपने होने का आख़िरी संकेत दे गई।
माँ कोई साधारण शब्द नहीं है। वह भाषा के नियमों से आगे जाकर संवेदना का रूप ले लेती है। उसे किसी संज्ञा, सर्वनाम या अलंकार में बाँधने की हर कोशिश अधूरी रह जाती है। माँ की ममता किसी कविता, किसी छंद या महाकाव्य की सीमा में नहीं समाती। वह एक ऐसा अनंत विस्तार है, जिसे समझने का प्रयास करते-करते शब्द स्वयं छोटे पड़ जाते हैं।
माँ का साथ शब्दों का मोहताज नहीं होता। कभी वह धूप में छाता बन जाती है, तो कभी जीवन की भीड़ में सहारा। उम्र भले ही शरीर पर अपना असर छोड़ दे, पर माँ की मौजूदगी वही सुकून देती है. निःशब्द, निःस्वार्थ और पूरी तरह सुरक्षित। माँ के साथ बिताया हर पल स्मृति बनकर जीवन भर साथ चलता है