खामोशी बोलती है
खामोशी एक ऐसी भाषा है जो बिना शब्दों के भी दिल की हर भावना को बयां कर देती है। यह कविता जीवन के हर पड़ाव को मौन के माध्यम से व्यक्त करती है।

खामोशी एक ऐसी भाषा है जो बिना शब्दों के भी दिल की हर भावना को बयां कर देती है। यह कविता जीवन के हर पड़ाव को मौन के माध्यम से व्यक्त करती है।
यह कहानी एक बूढ़े मजदूर और एक संवेदनशील लेखक के संवाद के जरिए जीवन, संघर्ष और उम्मीद की सच्चाई को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।
यह कविता साइड लोअर बर्थ के सफ़र को एक मौन प्रेमी के रूप में दर्शाती है, जहाँ यात्रा और भावनाएँ एक हो जाती हैं।
यह रचना बताती है कि कभी-कभी जीवन के कठिन क्षणों में एक निर्जीव वस्तु भी हमारा सबसे बड़ा सहारा बन जाती है।
यह कविता प्रेम में प्रतीक्षा, विरह और भावनात्मक पीड़ा को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत करती है, जो पाठकों के दिल को छू जाती है।
शादी के 25 वर्ष बीत गए समय कैसे गुजरा पता ही नहीं चला । अपने परिवार की मर्जी के विरुद्ध किसी लड़के का हाथ थाम कर अपने जीवन सफर पर निकल जाना मेरे लिए कांटों से भरा रास्ता था , पर चुनाव मेरा था और कांटे मिले या फूल यह मेरी किस्मत. समय बदला उनकी ना धीरे-धीरे हां में बदलने लगी
यह कविता जीवन की अंधेरी राहों में प्रेम, परिवार और आत्मबल की रोशनी तलाशती है। कवि कहता है. अंधेरे चाहे कितना भी घेर लें, हम एक-दूसरे को छोड़कर नहीं जाएंगे। थकी हुई आत्मा को सहारा देने के लिए सच्चा प्रेम ही पर्याप्त है। रिश्तों की डोर अगर प्यार से जोड़ी जाए तो परिवार हमेशा साथ रहता है। समय के कठिन क्षणों में सब साथ छोड़ जाते हैं, फिर भी प्रेम और आशा के सितारे जगमगाते हैं।
मुझे किसी अनदेखे से प्यार है ऐसा प्यार जो किसी चेहरे, आवाज़ या उपस्थिति का मोहताज नहीं. वह बस मेरी कल्पना में बसा है, मेरी सोच में साँस लेता है. लोग कहते हैं, यह पागलपन है, पर अगर दिल को सुकून मिलता है तो इसे क्या नाम दूँ? एक बार किसी को दिल में जगह दे दी, तो वही मेरा सच बन गया. मुझे झूठ से हमेशा ऩफरत रही है, इसलिए यह एहसास भी पूरी सच्चाई से भरा है. मुझे जीवन के फूल ही नहीं, उसके काँटे भी प्रिय हैं क्योंकि दर्द भी तो किसी गहराई से आता है. मुझे उन खिड़कियों से प्यार है, जहाँ से मैं दुनिया को देखती हूँ वही खिड़कियाँ शायद उस अनदेखे तक पहुँचने का रास्ता हैं.