भावनाएं
जब तुम आओ…
जब कोई मिलने आए, तो वह अधूरा नहीं, पूरा होकर आए—यही इस कविता का मूल भाव है। यह रचना बताती है कि आधे मन और बंटी हुई भावनाओं के साथ सच्चा समर्पण संभव नहीं होता। प्रेम तभी पूर्ण होता है, जब उसमें किसी प्रकार की कमी या विभाजन न हो।
शब वही लेकिन नज़ारा और है
यह ग़ज़ल जीवन के बदलते नजरिए, रिश्तों के इशारों और समाज में छिपे मुखौटों को बेहद सधी हुई भाषा में उजागर करती है।
खामोशी बोलती है
खामोशी एक ऐसी भाषा है जो बिना शब्दों के भी दिल की हर भावना को बयां कर देती है। यह कविता जीवन के हर पड़ाव को मौन के माध्यम से व्यक्त करती है।
सपनों का चौकीदार
यह कहानी एक बूढ़े मजदूर और एक संवेदनशील लेखक के संवाद के जरिए जीवन, संघर्ष और उम्मीद की सच्चाई को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।
साइड लोअर का वह प्रेमी सफ़र
यह कविता साइड लोअर बर्थ के सफ़र को एक मौन प्रेमी के रूप में दर्शाती है, जहाँ यात्रा और भावनाएँ एक हो जाती हैं।
गुसलखाने की दीवार
यह रचना बताती है कि कभी-कभी जीवन के कठिन क्षणों में एक निर्जीव वस्तु भी हमारा सबसे बड़ा सहारा बन जाती है।
प्रतीक्षा में साँसे खड़ी…
यह कविता प्रेम में प्रतीक्षा, विरह और भावनात्मक पीड़ा को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत करती है, जो पाठकों के दिल को छू जाती है।
बालकनी से दिल तक…
शादी के 25 वर्ष बीत गए समय कैसे गुजरा पता ही नहीं चला । अपने परिवार की मर्जी के विरुद्ध किसी लड़के का हाथ थाम कर अपने जीवन सफर पर निकल जाना मेरे लिए कांटों से भरा रास्ता था , पर चुनाव मेरा था और कांटे मिले या फूल यह मेरी किस्मत. समय बदला उनकी ना धीरे-धीरे हां में बदलने लगी
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