जिम में भी दिखें फ्रेश और ग्लोइंग
अगर आप जिम में भी फ्रेश और कॉन्फिडेंट दिखना चाहती हैं, तो हैवी मेकअप की बजाय हल्का और स्वेट-प्रूफ मेकअप चुनें. जानिए ऐसे आसान ब्यूटी टिप्स, जो पसीने के बावजूद आपके लुक को लंबे समय तक बनाए रखेंगे.
साहित्यिक सम्मान की यात्रा
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना में चतुर्वेदी प्रतिभा मिश्र साहित्य सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि रांची से पटना तक की वह भावनात्मक यात्रा थी जिसमें परिवार, गाँव, मायका और साहित्यिक रिश्तों का आत्मीय संगम साकार हुआ। यह सम्मान वर्ष 2025 के अंत में जीवन को कृतज्ञता और आनंद से भर देने वाला क्षण बन गया।
लक्ष्य जीवन का
यह कविता जीवन के दर्द, संघर्ष, कर्म और उम्मीद की भावनात्मक यात्रा को शब्द देती है। संवेदनाओं, हौसलों और आत्मिक प्रकाश से भरी यह रचना जीवन-दर्शन की गहरी अनुभूति कराती है।
कठिन रास्ते, सुंदर मंज़िलें…
“उसके प्लान पर विश्वास रखना” एक प्रेरक रचना है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों को ईश्वर की गहरी योजना के रूप में देखने का दृष्टिकोण देती है। यह रचना सिखाती है कि असफलता, दूरी और अभाव भी हमें मज़बूत, जागरूक और कृतज्ञ बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
आज़माए को आज़माते हो
“यार, धोखे पे धोखा खाते हो” एक मार्मिक हिंदी-उर्दू ग़ज़ल है, जो रिश्तों में मिले धोखे, अधूरी उम्मीदों और दिल की पीड़ा को बेहद संवेदनशील अंदाज़ में व्यक्त करती है। हर शेर इंसानी रिश्तों की बदलती सच्चाइयों, तन्हाई और बेवफाई के दर्द को उकेरता है। सरल लेकिन असरदार भाषा में लिखी गई यह ग़ज़ल पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है और लंबे समय तक मन में अपनी छाप छोड़ती है।
35 देशों के साइकिल सितारों से सजा पुणे
पुणे की सड़कों पर बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 की भव्य शुरुआत, 35 देशों के 164 अंतरराष्ट्रीय साइकिल खिलाड़ी खिताब की दौड़ में शामिल.
मन का अंतरिक्ष…
यह अंश गहन रूपकों के माध्यम से मन के भीतर उमड़ते भावों और उनके क्रमिक शांत होने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
मन के अंतरिक्ष में उल्काओं की तरह तीव्र वेग से बहते विचार और भावनाएँ कई बार टकराव और घर्षण की स्थिति पैदा करते हैं, लेकिन समय के साथ उनकी गति धीमी पड़ जाती है। यह ठीक वैसे ही है जैसे पहाड़ों और घाटियों को चीरती कोई नदी, समतल पर आकर शांत और स्निग्ध हो जाती है।
अंत में, यह रूपक जीवन के उस क्षण से जुड़ता है जब उत्साह और उमंग से भरी नई नवेली दुल्हन, अपने ही आंगन में चुपचाप प्राजक्त के फूल-सी कोमलता के साथ ठहर जाती है और भीतर गहरी शांति महसूस करती है।
वो तीन दिन
तीन दिन, एक शहर और उम्र भर की यादें” राघव और रिद्धिमा की ऐसी भावनात्मक प्रेम कहानी है, जिसमें एक छोटी-सी मुलाकात जीवनभर की स्मृतियों में बदल जाती है। अदरक वाली चाय, मेहंदी में छिपा नाम, छत पर बिताई तारों भरी रात और स्टेशन पर बिछड़ने का दर्द ये छोटे-छोटे पल उनके रिश्ते की सबसे बड़ी पूंजी बन जाते हैं। यह कहानी बताती है कि सच्चे रिश्तों में दूरी मायने नहीं रखती, क्योंकि कुछ मुलाकातें समय से नहीं, दिल से जुड़ी होती हैं।
समय की तरह पुरुष…
औरतें अपने पुरुषों के समय का बहुत ख्याल रखती हैं। लेकिन अगर सच में ख्याल रखना है, तो जरा ‘समय’ नामक पुरुष का पीछा करके देखो—आखिर यह समय कहाँ जा रहा है? क्या तुम इसे रोक पाओगी, अपनी जुल्फों में, या कोमल त्वचा पर, या आंखों की चमक और घुटनों की ताकत पर? नहीं, रोक नहीं पाओगी।तो फिर क्यों उलझती हो पुरुष के साथ? समय की तरह ही पुरुष भी है—तेरा है तो रहेगा, नहीं है तो चला जाएगा।
