गर्मी में भी बिना चादर क्यों नहीं आती नींद?
गर्मी में भी कई लोगों को बिना चादर ओढ़े नींद नहीं आती। इसके पीछे मनोवैज्ञानिक सुकून, स्लीप सिग्नल और शरीर के तापमान को संतुलित रखने जैसे वैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं, जो बेहतर नींद में मदद करते हैं।

गर्मी में भी कई लोगों को बिना चादर ओढ़े नींद नहीं आती। इसके पीछे मनोवैज्ञानिक सुकून, स्लीप सिग्नल और शरीर के तापमान को संतुलित रखने जैसे वैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं, जो बेहतर नींद में मदद करते हैं।
बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। बिना स्पष्ट लक्षण के होने वाला यह हार्ट अटैक खतरनाक हो सकता है, लेकिन सही जानकारी, नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इससे बचाव संभव है।
खुशनसीब प्रेमिकाएँ वो होती हैं जिनके प्रेम में बड़े वादे नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सच्ची खुशियाँ होती हैंसुबह की चाय, सम्मान, साथ और एक सुकून भरा रिश्ता। यह कविता सच्चे प्रेम की उसी खूबसूरत सादगी को दर्शाती है।
जब किसी व्यक्ति के भीतर जीवन के प्रति आशा, उद्देश्य और उत्साह खत्म होने लगता है, तो वह मानसिक रूप से बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहा होता है. मनोविज्ञान के अनुसार जीने की इच्छा का समाप्त होना केवल निराशा नहीं बल्कि गहरे मानसिक संघर्ष का संकेत है. इस लेख में इसी विचार का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है.
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली. एमसीएक्स पर सोना करीब 1200 रुपये तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी में भी कमजोरी दर्ज की गई. जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य शहरों में आज 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का ताजा भाव.
लाइव वॉयर न्यूज लेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। मौसमी चंद्रा,रेनू
शब्द मुखर और डॉ. रत्ना माणिक ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि अन्य रचनाकारों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
West Bengal Election 2026 Dates: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान किया. इस बार 8 की जगह 2 चरणों में मतदान होगा. 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को मतगणना होगी.
यह कविता झोपड़ी में पलती गरीबी, भूख से बिलखते बच्चे और परिवार के लिए संघर्ष करती एक माँ की दर्दभरी कहानी कहती है। सिसकती रातों और टूटी उम्मीदों के बीच यह कविता समाज की कठोर सच्चाई को संवेदनशील शब्दों में सामने लाती है।
होली के रंग खुशियों के प्रतीक माने जाते हैं, लेकिन कभी-कभी ये रंग विरह की पीड़ा भी बयान कर देते हैं। यह कविता प्रेम, दूरी और यादों के भाव को रंगों के प्रतीक के माध्यम से व्यक्त करती है जहां रंग भी जैसे पूछते हैं, साथ क्यों नहीं।
मार्च की शुरुआत के साथ पुणे में पानी की कमी गंभीर होती जा रही है। उपनगरों और नए शामिल गांवों में टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ रही है और नगर निगम को बड़ी संख्या में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराना पड़ रहा है।