ड्रग्स और साइबर अपराध कर सकते हैं भविष्य बर्बाद

पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार की छात्रों को सख्त चेतावनी, जागरूकता पर दिया जोर

कोथरुड, 9 जनवरी– ड्रग्स की लत और तेजी से बढ़ते साइबर अपराध युवाओं के करियर और जीवन दोनों को खतरे में डाल रहे हैं. ऐसे में छात्रों को समय रहते सतर्क रहना चाहिए और गलत रास्तों से दूरी बनानी चाहिए, यह स्पष्ट संदेश पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने दिया. उन्होंने कहा कि फ्रेशर्स पार्टियों, नशे और गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहकर पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना ही युवाओं के हित में है.

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में महाराष्ट्र पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अमितेश कुमार ने कहा कि पुलिस किसी भी छात्र का भविष्य खराब नहीं करना चाहती. लेकिन यदि सौ में से कुछ युवा भी ड्रग्स या अपराध में पकड़े जाते हैं, तो उसका असर पूरे करियर पर पड़ता है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उन्हें ड्रग्स या किसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो बिना डर पुलिस को सूचित करें. ऐसी सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.

इस कार्यक्रम का आयोजन सेवा, साहस और प्रतिबद्धता की भावना को समर्पित था. मंच पर संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज देशमुख, पुलिस उपायुक्त निखिल पिंगले और संभाजी कदम के साथ एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रविकुमार चिटणीस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रसाद खांडेकर और कुलसचिव प्रो. गणेश पोकले उपस्थित थे. यह कार्यक्रम एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड और कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल कराड के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें शहर के एक हजार से अधिक स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के लगभग पांच लाख छात्रों ने ऑनलाइन सहभागिता की.

संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने कहा कि ड्रग्स की लत में फंसे कई युवा अंततः आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठा रहे हैं. साथ ही साइबर अपराध, नार्कोटिक्स, वित्तीय धोखाधड़ी, ट्रैफिक समस्याएं और कानून उल्लंघन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया कि शहर में बुजुर्गों को निशाना बनाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे ठगने के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे किसी भी संदेहास्पद मामले में नागरिकों को तुरंत 112 नंबर पर कॉल करना चाहिए.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज देशमुख और पुलिस उपायुक्त निखिल पिंगले ने कहा कि पुलिस विभाग नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और त्वरित सेवा तथा नियमों के पालन के जरिए शहर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है.

कुलपति डॉ. आर.एम. चिटणीस ने स्वागत भाषण में देश में बढ़ते वित्तीय अपराध, साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और फर्जी खबरों पर चिंता जताई. कार्यक्रम का संचालन डॉ. गौतम बापट ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. प्रसाद खांडेकर ने किया.

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