एकमात्र जिन शासन ही सच्ची राह दिखाता है
महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
बीएमसी चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है, बल्कि यह मुंबई के बदलते मतदाता और राजनीति की नई प्राथमिकताओं का संकेत है। भावनात्मक अपील से आगे बढ़कर अब शहर स्थिर शासन, विकास और स्पष्ट नेतृत्व चाहता है। यही बदलाव ठाकरे युग के अंत और नई राजनीति की शुरुआत को परिभाषित करता है।
यह कविता लिखने की प्रक्रिया के भीतर छिपे प्रेम, एकाग्रता और भावनात्मक जुड़ाव को उकेरती है। प्रिय को लिखते हुए देखना, उसकी उँगलियों, कलम और भावनाओं को महसूस करना यह रचना शब्दों से पहले जन्म लेने वाले एहसासों की कथा है।
पुणे में आयोजित तीन दिवसीय छठे पुणे पर्यटन महोत्सव में प्रसिद्ध गायिका और सोलो ट्रैवलर डॉ. राधा मंगेशकर ने उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि यात्रा न केवल मन को आनंद देती है बल्कि आत्मविश्वास और सहनशीलता को भी बढ़ाती है. महोत्सव में महाराष्ट्र और भारत के ऐतिहासिक, धार्मिक और ऑफबीट पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिली. लगभग 70 टूरिस्ट कंपनियों के स्टॉल्स लगे, और युवाओं, परिवारों और यात्रा प्रेमियों को जानकारी दी गई. डॉ. मंगेशकर ने सोलो ट्रैवल के महत्व और व्यक्तिगत विकास में इसके योगदान पर जोर दिया. यह महोत्सव पुणेकरों के लिए निशुल्क खुला है और आने वाले सप्ताहांत तक जारी रहेगा, जिसमें कैलास मानसरोवर यात्रा, जंगल पर्यटन मार्गदर्शन और कॉर्पोरेट ट्रैवल सत्र भी होंगे.
महिदपुर रोड पर पूज्य साध्वी श्री चारित्रकला जी म.सा. की पावन निश्रा में बरडिया परिवार द्वारा मेरु तेरस तप की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। घी के मेरु के साथ तपस्वी ने नगर में जयघोष करवाए और जैन समाज के लोग धर्मलाभ प्राप्त किए।
गलत चप्पल या जूते पहनना मामूली गलती नहीं, बल्कि गंभीर हादसे की वजह बन सकता है। चिकनी फर्श और गलत सोल का कॉम्बिनेशन हड्डी टूटने तक का खतरा बढ़ा देता है। जानिए सही फुटवियर चुनने के जरूरी सेफ्टी टिप्स।
वास्तु के अनुसार पोछा लगाना केवल सफाई नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा को संतुलित करने का संस्कार है। सही दिशा, सही समय और एक छोटे उपाय से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
उज्जैन के श्री महाकाल महालोक में चल रहे महाकाल महोत्सव के दूसरे दिन भगोरिया, गोंड और बैगा लोकनृत्यों ने शिव भक्ति को जनजातीय उत्सव में बदल दिया। डमरू की गूंज, लोक-संस्कृति और सुरों ने पूरे महालोक को शिवमय कर दिया।