gulmohar
रात के समय अपने बेटे की तस्वीर को सीने से लगाकर बैठी एक वृद्ध भारतीय माँ, अकेलेपन और मातृत्व के गहरे भावों को दर्शाती हुई।

एकांत का शोर

“एकांत का शोर” एक मार्मिक कहानी है जो पिता के निधन के बाद माँ के जीवन में पसरे अकेलेपन और बेटे की व्यस्तता के बीच बढ़ती भावनात्मक दूरी को चित्रित करती है। जब बेटा अपनी माँ को आधी रात अपनी तस्वीर को सीने से लगाकर लोरी सुनाते हुए देखता है, तब उसे एहसास होता है कि सफलता की दौड़ में उसने सबसे अनमोल रिश्ते को अनदेखा कर दिया है।

Read More

जब चिड़िया चुग गई खेत !

तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में आगे बढ़ते हुए विनोद ने सफलता तो पा ली, लेकिन रिश्तों को समय देना भूल गया। करवाचौथ के दिन एक गजरा उसे एहसास दिला देता है कि प्यार बड़ी चीज़ों में नहीं, बल्कि उन छोटे पलों में छिपा होता है जिन्हें वह हमेशा टालता रहा। जब समझ आया, तब बहुत देर हो चुकी थी।

Read More
गाँव के घर के बाहर प्रतीक्षा करते बुजुर्ग माता-पिता और मिट्टी, पेड़ों व अपनापन से भरा ग्रामीण दृश्य।

चलो चलें अब गाँव

यह कविता गाँव की मिट्टी, रिश्तों की गर्माहट और अपनों के स्नेह की ओर लौटने की भावनात्मक पुकार है। शहर की भागदौड़ में छूट गए गाँव, बूढ़े माता-पिता और सूने खलिहानों की याद मन को बार-बार अपनी जड़ों की ओर खींचती है। कविता बताती है कि गाँव में रिश्ते दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास और प्रेम से निभाए जाते हैं, जहाँ सुख-दुख बाँटकर जीवन जिया जाता है। पीपल, बरगद और आम की छाँव, शुद्ध हवा और मिट्टी का सहज स्पर्श उस आत्मीय सुख का एहसास कराते हैं, जो कहीं और दुर्लभ है।

Read More
कवयित्री डॉ. रानी गुप्ता को महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान 2026

डॉ. रानी गुप्ता को ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान-2026’

अहमदाबाद की कवयित्री डॉ. रानी गुप्ता को महादेवी वर्मा के जन्मदिन पर लखनऊ में आयोजित साहित्य महोत्सव में ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया.

Read More
कवि मंदिर के शांत वातावरण में भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन, पृष्ठभूमि में बांसुरी बजाते श्रीकृष्ण का दिव्य दृश्य

समर्पण: आत्मा से परमात्मा तक

यह कविता आत्मा के परमात्मा में पूर्ण समर्पण की भावभूमि को अत्यंत सरल और मार्मिक शब्दों में व्यक्त करती है। इसमें भक्त और भगवान के बीच के उस गहरे, व्यक्तिगत संबंध को उकेरा गया है, जो किसी बाहरी आडंबर का मोहताज नहीं होता। कवि के लिए श्रीकृष्ण केवल आराध्य नहीं, बल्कि जीवन के हर भाव, हर संघर्ष और हर सत्य के आधार बन जाते हैं। श्रद्धा, वैराग्य और निष्काम भक्ति के माध्यम से यह रचना बताती है कि सच्चा समर्पण ही आत्मिक शांति और वास्तविक अस्तित्व का मार्ग है।

Read More
अक्षय तृतीया 2026 आज: पूजा का शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय और महत्व

आज है अक्षय तृतीया: एक दिन जो कभी खत्म नहीं होता !

अक्षय तृतीया का पर्व आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अबूझ मुहूर्त पर किए गए दान, निवेश और शुभ कार्यों का फल अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाला माना जाता है। जानें पूजा का शुभ समय, सोना खरीदने का सही मुहूर्त और इस दिन का आध्यात्मिक महत्व।

Read More
रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधते हुए भावुक दृश्य

रक्षाबंधन : खून के रिश्ते कभी पुराने नहीं होते

वर्षों बाद रक्षाबंधन पर भाइयों से मिलने पहुँची मनु के लिए यह सिर्फ राखी का त्योहार नहीं, बल्कि बचपन की उन यादों को फिर से जीने का अवसर था, जिन्हें समय कभी धुँधला नहीं कर पाया.

Read More

वो साल अच्छा था

“न ये हाल अच्छा है न वो हाल अच्छा था, इस साल से कह दो कि वो साल अच्छा था! इफरात में मिली मोहब्बत को जेब में रखने की जगह न थी, फटी जेब और तंग हाल ही अच्छा था।”

Read More

गुप्त प्रेम

मैं तुम्हें शब्दों में नहीं, तुम्हारी ख़ामोशी में चुनता हूँ। जैसे अँधेरी रात में जुगनू से रोशनी मिलती है, वैसे ही तुम मेरे भीतर उजाला भर देती हो। मैं तुम्हारे एकांत में भी तुम्हें प्रेम करता हूँ, क्योंकि वहाँ तुम सबसे सच्ची होती हो। सपनों में तुम्हारा कोई अंत नहीं होता — इसलिए तुम्हें मैं अपनी आख़िरी साँस तक माँगता रहूँगा।

Read More
महिला खिड़की के पास बैठकर कविता लिखते हुए, भावनात्मक और रचनात्मक माहौल

मेरी प्रिय कविता

“मेरी प्रिय कविता” एक ऐसी भावनात्मक रचना है, जिसमें कवयित्री ने अपने मन और शब्दों के बीच के गहरे संबंध को बेहद सहज और सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया है। यह कविता बताती है कि कैसे कविता केवल शब्दों का समूह नहीं होती, बल्कि यह मन की उलझनों को सुलझाने का माध्यम भी बन जाती है।

Read More