‘मराठ्यांचा दरारा’ पुस्तक का लोकार्पण समारोह संपन्न
पुणे :
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सेना साहेब सुभा श्रीमंत राजे रघुजी भोसले की ऐतिहासिक तलवार को महाराष्ट्र में वापस लाना हमारे लिए गर्व का क्षण है। इस तलवार के माध्यम से नई पीढ़ी का संबंध अपने गौरवशाली इतिहास से और गहरा हुआ है। यह तलवार नागपुर सहित राज्यभर में प्रदर्शित की जाएगी ताकि हिंदवी स्वराज्य के विस्तार की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नागपुरकर भोसले घराने का इतिहास पराक्रमी और समृद्ध है, जिसे समाज तक अधिक से अधिक पहुंचाना जरूरी है। मुख्यमंत्री सांस्कृतिक विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वासुदेव गोविंद आपटे और यशोधन जोशी द्वारा लिखित तथा कृष्णा पब्लिकेशन्स से प्रकाशित पुस्तक *‘मराठ्यांचा दरारा – नागपुरकर भोसले की बंगाल प्रांत पर मोहिमाएं’* का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक मंत्री एड. आशिष शेलार, श्रीमंत राजे मुधोजी भोसले, विधायक रणा जगजीतसिंह पाटिल, डॉ. संजय कुटे, लेखक यशोधन जोशी और प्रकाशक चेतन कोळी उपस्थित रहे। फडणवीस ने कहा कि राज्य में हाल के वर्षों में इतिहास पर आधारित कई उत्कृष्ट पुस्तकें सामने आई हैं। यूनेस्को मान्यता प्राप्त 12 किले, छत्रपति शिवाजी महाराज के *वाघनखे* जैसे धरोहरों और रघुजी भोसले की तलवार की वापसी ने हमें अपने इतिहास से फिर जोड़ा है। सांस्कृतिक विभाग के प्रयासों से मराठा साम्राज्य की धरोहर को संरक्षित और पुनर्जीवित करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लेखक यशोधन जोशी ने बताया कि उन्हें 1916 में प्रकाशित आपटे की पुस्तक और गंगाराम कवि की *महाराष्ट्र पुराण* का अंग्रेजी अनुवाद संदर्भ के रूप में मिला। इन्हीं आधारों पर इस विस्मृत कृति को नए रूप में पाठकों तक पहुंचाया गया। मई 2025 में रघुजी भोसले की तलवार की लंदन में नीलामी और उसकी वापसी के साथ ही इस पुस्तक का पुनर्प्रकाशन होना एक अद्भुत संयोग है।
