ज़िंदगी

ज़िंदगी मिली तो है, लेकिन ठंड, बेबसी और हालातों की मार ने उसे जीने का संघर्ष बना दिया है. वादों और प्रलोभनों में इस्तेमाल होकर, ज़िंदगी अक्सर फुटपाथों और अंधेरों में भुला दी जाती है.

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विजयादशमी पर रत्नराज ज्वेलर्स का नया शोरूम

दशहरे के पावन अवसर पर रत्नराज ज्वेलर्स अपने नए शोरूम का उद्घाटन कर रहा है. नवदुर्गा माता मंदिर के समीप स्थित यह प्रतिष्ठान शुद्धता, विश्वास और उत्कृष्ट डिजाइनों का प्रतीक बनेगा.
रत्नराज ज्वेलर्स ने मावावाला परिवार की ईमानदारी और भरोसे की परंपरा को ज्वेलरी उद्योग में भी कायम रखा है. शोरूम में सोने और चांदी के अत्याधुनिक और पारंपरिक डिजाइनों की एक लंबी रेंज उपलब्ध है.

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अकेला व्यक्ति अपनी भावनाओं और दर्द के साथ मौन बैठा हुआ, सुनने वाले की तलाश में

‘विलुप्त श्रोता’

‘विलुप्त श्रोता’ एक मार्मिक मुक्तछंद कविता है, जो मनुष्य के भीतर जमा होते दर्द, भावनात्मक थकान और ऐसे समय की विडंबना को उजागर करती है जहाँ सुनने वाले लोग धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं।

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नीयत अच्छी हो तो मजहब दीवार नहीं बनता

वो दिन आज भी स्मृति में ताजे हैं, जब बिहार के छपरा शहर में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे थे. चारों ओर डर का माहौल था, एक अनजानी आशंका हर घर के आंगन में सन्नाटा बनकर पसरी हुई थी. उन्हीं कठिन दिनों में, हमारे घर में एक गरीब मुस्लिम लड़का भी रहता था, जो गांव से पढ़ाई के लिए भेजा गया था.
उसे पापा के किसी पुराने मित्र ने यह कहकर भेजा था कि बेटा पढ़ाई में बहुत तेज़ है, लेकिन हालात ठीक नहीं हैं्. आपने बहुतों की मदद की है, आज इसे भी आपके सहारे की ज़रूरत है.

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प्रेम, स्वतंत्रता और अधूरे रिश्तों की एक गहरी कहानी

रुह का रिश्ता

कभी-कभी सच्चा प्रेम किसी को पा लेने में नहीं, बल्कि उसकी आत्मा को फिर से जीवित कर देने में छिपा होता है। राघव और रिद्धिमा की यह कहानी प्रेम, स्वतंत्रता और आत्मीयता के उसी गहरे एहसास को महसूस कराती है।

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अशुद्ध जल सप्लाई : एसडीएम ने मामला किया खारिज

नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा शहर को लगातार आठ दिनों तक मटमैला, मिट्टीयुक्त और अशुद्ध जल सप्लाई किए जाने की स्वयं की लिखित स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद भी एसडीएम द्वारा प्रकरण को आंशिक आपत्ति स्वीकार कर खारिज कर देना पूरे शहर में गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. आवेदक अभय चोपड़ा ने इस निर्णय को सत्ताधारी दल के दबाव में लिया गया बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 151 से 164 के अंतर्गत दंडनीय अपराध बनता है.

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माँ का संवाद बेटे से…

माँ अपने बेटे से कहती है—
“दिल के टुकड़े को खुद से दूर भेजना किसी माँ के लिए आसान नहीं होता। तुम्हारी तरक्की और खुशियों के लिए हमें यह कड़वा घूँट पीना पड़ता है। शायद तुम्हारे लिए भी यह सफ़र सहज न हो—कभी आज़ादी गुदगुदाएगी तो कभी जिम्मेदारियाँ बोझ बन जाएँगी। पर याद रखना, तुम्हारे हर कदम पर हमारी दुआएँ और आशीर्वाद एक अदृश्य कवच बनकर तुम्हारे साथ रहेंगे। जब कभी मन उलझे, अकेलापन सताए, तो समझना कि हम दूर होकर भी तुम्हारे बेहद पास हैं।

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उज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा के दौरान 118 किमी पदयात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु, सिर पर पोटली और “जय श्री महाकाल” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते हुए

पंचक्रोशी यात्रा : तय तारीख से पहले ही आस्था का सैलाब

ज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले ही हजारों श्रद्धालु 118 किमी लंबी पदयात्रा पर निकल पड़े। महाकाल के जयघोष और अटूट आस्था के साथ भक्त कठिन रास्तों को पार करते हुए अपने आध्यात्मिक सफर को पूरा करने में जुटे हैं।

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कठपुतलियों के माध्यम से प्रेम और एहसासों को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कहानी का दृश्य

धागों से परे

कुछ रिश्ते डोरियों से नहीं, आत्मा के एहसासों से बंधे होते हैं। “धागों से परे” एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जिसमें कठपुतलियाँ प्रेम, बिछड़न और मुक्ति का प्रतीक बन जाती हैं।

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