साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. का महिदपुर रोड में भव्य मंगल प्रवेश

साध्वी शाश्वतप्रिया म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश

महिदपुर रोड में साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश। गुरुदेव जयघोष, धर्मसभा और रतलाम चातुर्मास निमंत्रण।

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कश्मीर की तस्वीर

पिछले कुछ वर्षों से अधूरी रह रही कश्मीर यात्रा की इच्छा इस बार पूरी हुई। गर्मियों की छुट्टियों में जब शर्ली और जेमी दोनों घर पर थे, तो परिवार ने दृढ़ निश्चय किया — अबकी बार कश्मीर पक्का! २१ मई को हमने जम्मू के लिए ट्रेन पकड़ी और वहां से शुरू हुआ श्रीनगर की ओर रोमांचक सफर, जिसमें चेनानी-नाशरी सुरंग की तकनीकी भव्यता और घाटियों की नैसर्गिक सुंदरता ने मन मोह लिया। रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद श्रीनगर की समतल घाटी का सौंदर्य जैसे हर थकान को हर लेता है। होटल अल-शिमाघ में गर्मजोशी से स्वागत के बाद शुरू हुई हमारी असली कश्मीरी यात्रा — डल झील, मुगल बाग, लाल चौक और हिमालयी सौंदर्य से सराबोर सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम की रोमांचकारी यात्राएं।

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खिड़की के पास बैठी एक युवती, शहर की रोशनी को देखते हुए गहरी सोच में डूबी है, हाथ में फोन है लेकिन वह किसी को संदेश नहीं भेज रही, चेहरे पर हल्की उदासी और अनकही मोहब्बत का एहसास झलक रहा है।

खामोशी में छुपा प्यार

कभी-कभी प्यार शब्दों में नहीं, खामोशी में पनपता है। यह वही एहसास है जो दिल में चुपचाप जगह बना लेता है, बिना इज़हार के भी गहराता जाता है। इस अनकही मोहब्बत में एक सुकून भी है और एक हल्की सी कसक भी, जहां हर खामोशी के पीछे सिर्फ एक ही नाम छुपा होता है।

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मुंबई: जहां हर धक्का सिखाता है जीना

मुंबई का आकर्षण दूर से देखने पर समंदर की लहरों, हैरिटेज इमारतों और तेज़ रफ्तार भागती ज़िंदगियों में नज़र आता है। लेकिन असली मुंबई की पहचान लोकल ट्रेनों की धक्का-मुक्की, जद्दोजहद और संघर्ष में छिपी है। यहाँ हर धक्का इंसान को जीना सिखाता है और हर मुश्किल उसे मज़बूत बनाती है।”

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रात की खामोशी में डायरी के सामने बैठी एक भावुक स्त्री, अधूरी मोहब्बत और अनकहे सवालों में डूबी हुई।

मन का कोरा पन्ना

कुछ प्रश्न जीवन में हमेशा अनुत्तरित रह जाते हैं। “मन का कोरा पन्ना” प्रेम, पीड़ा, विवशता और अनकहे एहसासों की ऐसी ही संवेदनशील यात्रा है, जहाँ शब्दों से अधिक खामोशी बोलती है।

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डाइनिंग टेबल पर साथ बैठे परिवार के सदस्य, लेकिन सभी मोबाइल में व्यस्त, पीछे अकेले बैठे बुजुर्ग।

सब साथ हैं… फिर भी अकेले

आज घरों में सुविधाएँ बढ़ गई हैं, लेकिन रिश्तों में समय और अपनापन कम होता जा रहा है। यह लेख सिर्फ संयुक्त परिवारों के टूटने की नहीं, इंसानों के भीतर बढ़ते अकेलेपन की कहानी है।”

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माँ की याद में लिखी गई भावनात्मक चिट्ठी दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर

मां के नाम आसुंओं से भीगी चिट्ठी

“एक पाती माँ के नाम” एक बेटी का अपनी माँ को लिखा गया हृदयविदारक पत्र है, जिसमें बिछोह, स्मृतियाँ, तन्हाई और माँ की अमिट उपस्थिति शब्दों में ढलती है। यह रचना हर उस पाठक को छूती है जिसने कभी माँ को खोया है।

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संत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर वसंत के रंगों और प्रकृति की सुंदरता को दर्शाती हिंदी कविता का प्रतीकात्मक दृश्य

वसंत का संगीत

यह कविता बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती माता के आशीर्वाद, प्रकृति के बदलते रंग और ऋतुओं के मिलन को उजागर करती है। वसंत के आगमन से जीवन में उमंग और विद्या की महत्ता का सुंदर चित्रण।

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गोगापुर गौशाला में गायों को चारा खिलाते हुए श्रद्धालु, पुण्यतिथि पर आयोजित गौसेवा कार्यक्रम का दृश्य

पुण्यतिथि पर गौसेवा: युवाओं ने पेश की मिसाल

महिदपुर रोड में स्व. सुरेश चंद्र चत्तर की पुण्यतिथि पर आयोजित गौसेवा कार्यक्रम ने समाज में सेवा, संवेदनशीलता और जीवदया का प्रेरक संदेश दिया।

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