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नीम के पेड़ से झाँकता हुआ चाँद

नीम के पेड़ से झाँकता हुआ चाँद

नीम के पेड़ से झाँकता हुआ चाँद सिर्फ़ आसमान का चाँद नहीं, बल्कि समय का मौन साक्षी है। जून की तपती रात में चारपाई पर लेटी एक स्त्री अपनी स्मृतियों, रिश्तों और बदलती पीढ़ियों की यात्रा को चाँद से साझा करती है। यह रचना जीवन के बदलते पड़ावों की मार्मिक अनुभूति कराती है।

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सावन के उत्सव में हरे परिधान पहने दो भारतीय महिला मित्र मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामे खड़ी हैं। चारों ओर हरियाली, झूले, फूलों की सजावट और बारिश का मनमोहक वातावरण मित्रता और आत्मीयता का भाव प्रस्तुत कर रहा है।

एक मुलाकात, उम्रभर का साथ

सावन के एक सांस्कृतिक समारोह में हुई एक साधारण-सी मुलाकात समय के साथ जीवनभर की सच्ची दोस्ती में बदल गई। यह संस्मरण विश्वास, अपनत्व, निस्वार्थ साथ और आत्मीय रिश्तों की सुंदर कहानी कहता है। इसमें बताया गया है कि कैसे ईश्वर की कृपा से मिलने वाले कुछ लोग जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाते हैं और हर सुख-दुख में बिना कहे साथ निभाते हैं।

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बारिश में खिड़की के पास खड़ी एक युवती, हाथ में सूखा गुलाब लिए दूर क्षितिज की ओर देखती हुई। उसके चेहरे पर बिछड़ने की पीड़ा और पुरानी यादों की गहरी भावनाएँ झलक रही हैं।

…कि मुझे सब याद है

कुछ रिश्ते भले ही जीवन से चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसे प्रेम, अधूरी मुलाकातों, बारिश की स्मृतियों और अनकहे एहसासों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।

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अच्छाई और बुराई के प्रतीकात्मक रूप में प्रकाश और अंधकार के बीच खड़ा एक चिंतनशील व्यक्ति, जो आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों का संदेश देता है।

भला जो देखन मैं चला…

कलियुग में अच्छाई और बुराई के संघर्ष को प्रस्तुत करती यह विचारोत्तेजक कविता आत्मचिंतन, मानवीय मूल्यों और समाज की बदलती सोच पर गहरा संदेश देती है। कविता बताती है कि सच्ची जीत अच्छाई और सत्य के मार्ग पर चलने में ही है।

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"भारतीय ग्रामीण आँगन में एक वृद्ध सास अपनी नवविवाहिता बहू को स्नेहपूर्वक गले लगाते हुए। बहू लाल दुल्हन के परिधान में है और दोनों की आँखों में भावुकता झलक रही है। पारंपरिक विवाह की सजावट, गेंदे के फूल और गोधूलि की सुनहरी रोशनी इस माँ-बेटी जैसे रिश्ते की आत्मीयता को दर्शा रही है।"

अनोखा रिश्ता

पति के विश्वासघात के बाद जब रीना का संसार उजड़ जाता है, तब उसकी सास शांता उसे अकेला नहीं छोड़ती। वह बहू को बेटी का दर्जा देकर अपनी पूरी संपत्ति उसके नाम करने का निर्णय लेती है। यह लघुकथा बताती है कि खून से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और अपनत्व से रिश्ते बनते हैं।

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छात्र आंदोलन में पोस्टर और तख्तियां लिए प्रदर्शन करते युवा विद्यार्थी, जिनमें जेनजी का आक्रोश और बदलाव की मांग स्पष्ट दिखाई दे रही है।

जेनजी बोल रही है, क्या हम सुन रहे हैं ?

नई दिल्ली से लेकर पुणे तक छात्र आंदोलनों में दिखाई दे रही जेनजी की भाषा कई सवाल खड़े करती है। क्या गालियों वाले पोस्टर केवल असभ्यता हैं या वर्षों से जमा आक्रोश की अभिव्यक्ति? यह लेख जेनजी के स्वभाव, सोशल मीडिया, वेब सीरीज़ और बदलती विरोध संस्कृति का संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

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अल्फाज़ नहीं मिलते

कुछ एहसास ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बाँधना आसान नहीं होता। “अल्फाज़ नहीं मिलते” ग़ज़ल में प्रेम, खामोशी, विरह, आत्मिक पीड़ा और अनकही भावनाओं का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है। हर शेर दिल की गहराइयों में उतरकर पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ देता है।

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भारतीय परिवार की तीन पीढ़ियाँ सम्मानपूर्वक संवाद करती हुईं, जहाँ नई पीढ़ी आत्मविश्वास से अपनी बात रख रही है।

क्या यह कम है ?

क्या संस्कार का अर्थ केवल आज्ञाकारिता है, या सच कहने का साहस भी? यह लेख उस पीढ़ी की कहानी है जिसने स्वयं चुप रहकर जीवन जिया, लेकिन अपने बच्चों को प्रश्न पूछना, तर्क करना और सम्मान के साथ अपनी बात कहना सिखाया।

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डोरी से चलने वाला पारंपरिक झालरदार बीजना, जिसके नीचे गर्मी की दोपहर में परिवार सुकून से विश्राम कर रहा है।

रेशम की डोरी..

आधुनिक बिजली के पंखों और एसी के दौर में भी कुछ यादें ऐसी होती हैं, जो मन को बरबस अतीत में ले जाती हैं। यह कविता “साटन का मोरा बीजना” पुराने समय के डोरी से चलने वाले झालरदार बीजने, घर-आँगन की आत्मीयता, संयुक्त परिवार की मधुरता और बचपन की सुकून भरी दोपहरों का मार्मिक चित्रण करती है।

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रिमझिम सावन की बारिश में नाचता मोर, हरी-भरी प्रकृति, कागज़ की नाव और भारतीय मानसून का मनमोहक दृश्य।

रिमझिम-रिमझिम सावन बरसे

सावन केवल बारिश का मौसम नहीं, बल्कि प्रकृति के नवजीवन, प्रेम, उल्लास और बचपन की मीठी यादों का उत्सव है। प्रस्तुत कविता “रिमझिम-रिमझिम सावन बरसे” में वर्षा की पहली फुहार, मिट्टी की सौंधी महक, मोर-पपीहे का उल्लास, हरी चूड़ियों की खनक और कागज़ की नावों से जुड़े बचपन के अनमोल पल अत्यंत सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किए गए हैं।

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