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मित्रता

कृष्ण-सुदामा जैसी सच्ची मित्रता का प्रतीक भावनात्मक दृश्य "मित्रता वो रिश्ता है, जहाँ बिना कहे हर बात समझ ली जाती है…"

पुष्पा पाठक, प्रसिद्ध कवयित्री, छतरपुर

मित्रता जिंदगी का है इक तोहफा,
मित्रता मे हमेशा ही  रखना वफा,
मित्रता कृष्ण और सुदामा सी हो
मित्रता करके होना कभी न खफा ।।

मित्रता एक मीठी और प्यारी रजा,
मित्रों के संग ही जिंदगी का मजा
मित्रता नहीं देखे धनी  और निर्धन
मित्र का रूठना जैसे होती सजा।।

मित्रता एक प्यारा सा एहसासहै,
हर घड़ी सुख का होता आभास है,
सुख दुख का है वह साथी सदा,
मित्रता में होता एक विश्वास है।।

प्रेम और मित्रता में है अंतर बहुत
मित्रता में सुकू ,प्रेम कसक दे बहुत,
मित्र सम्मान  रखता सदा मित्र का
मित्रता का  है स्थान  ऊंचा बहुत।।
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