वक्त का पहिया…
वक्त लौटकर आता हुआ दिखाई देता है, लेकिन उसके साथ बिछड़े लोग और बीते पल कभी वापस नहीं आते। ‘वक्त का पहिया’ समय, स्मृतियों और जीवन में आए बदलावों पर आधारित एक गहरी और भावुक हिंदी कविता है, जो पाठक को अपने अतीत से रूबरू कराती है।

वक्त लौटकर आता हुआ दिखाई देता है, लेकिन उसके साथ बिछड़े लोग और बीते पल कभी वापस नहीं आते। ‘वक्त का पहिया’ समय, स्मृतियों और जीवन में आए बदलावों पर आधारित एक गहरी और भावुक हिंदी कविता है, जो पाठक को अपने अतीत से रूबरू कराती है।
सूनी आँखें” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो वृद्ध माता-पिता के अकेलेपन, उपेक्षा और उनके मन में अपने बच्चों के प्रति अटूट प्रेम को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करती है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि माता-पिता की सेवा और सम्मान ही सच्चा धर्म और सबसे बड़ा मानवीय कर्तव्य है
यह कविता उस इंसान की आवाज़ है जो झूठ और स्वार्थ से भरी दुनिया में भी सच, संवेदना और इंसानियत को बचाए रखने की कोशिश करता है। तन्हाई, संघर्ष और उम्मीद के बीच जीवन का सच्चा चेहरा दिखाती एक मार्मिक रचना।
युद्ध कोई नहीं चाहता, फिर भी इतिहास गवाह है कि कई बार परिस्थितियाँ और अन्याय ऐसे मोड़ पर ले आते हैं, जहाँ संघर्ष अपरिहार्य हो जाता है। यह कविता युद्ध के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि उसकी समझ विकसित करने का प्रयास है।
यह कविता धुएँ को एक दैत्याकार शक्ति के रूप में चित्रित करती है, जो युद्ध, बम, मिसाइलों और आग से जन्म लेकर पूरे वातावरण को विषाक्त कर देना चाहती है। यह केवल प्रदूषण की नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के आत्मविनाश की कहानी भी है।
वर्तमान पिता” एक मार्मिक कविता है, जो उस पिता की कहानी कहती है जिसने अपना पूरा जीवन परिवार के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन बुढ़ापे में उपेक्षा, अकेलेपन और स्वार्थपूर्ण रिश्तों का सामना कर रहा है। यह कविता बदलते पारिवारिक मूल्यों और माता-पिता के प्रति संवेदनशील होने का संदेश देती है।
योग करो, स्वस्थ रहो” एक प्रेरणादायक कविता है जो योग के महत्व, स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और निरोग भारत के संदेश को सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत करती है। यह कविता सभी को दैनिक जीवन में योग अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करती है।
यह कविता समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, एसिड अटैक, महिलाओं के प्रति हिंसा और दोहरे मापदंडों पर तीखा प्रश्न उठाती है। साथ ही यह पुरुषों को राम और कृष्ण जैसे आदर्शों का अनुसरण कर नारी सम्मान की रक्षा करने का संदेश देती है।
जीवन एक मेला है, जहाँ कुछ लोग साथ निभाते हैं, कुछ ठोकरें देते हैं और कुछ हमें मजबूत बनाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। यह कविता जीवन के इन्हीं रंगों और सच्चे रिश्तों का भावपूर्ण चित्रण है।