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हॉर्न प्लीज !

बचपन से गाड़ियों पर लिखे इस छोटे से शब्द को बड़े गौर से पढ़ते चले आ रहे हैं।छोटे में ज़ब पापा की गाड़ी का हॉर्न बजा देती थी तो पापा बहुत गुस्सा होते थे, बोलते थे कि ये हॉर्न तब बजाते हैं ज़ब हमें साइड की आवश्यकता हो। लोग हॉर्न की आवाज सुनकर एक तरफ हो जाते हैं।

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शब्दों की विहांगी : नीलम पेड़ीवाल

नीलम पेड़ीवाल “विहांगी” हिंदी साहित्य की एक सक्रिय और बहुआयामी रचनाकार हैं। इस विशेष साक्षात्कार में उन्होंने अपने साहित्यिक सफर, लेखन प्रेरणा, संघर्ष, उपलब्धियों और नए रचनाकारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश साझा किए हैं।

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मोहब्बत

इस अँधेरी रात में बस एक ही ख्वाहिश है ऐसा हमसफ़र मिले, जो टूटे दिल को भी सहला दे और सच के छोटे-से वादे पर पूरी उम्र साथ निभा जाए। मोहब्बत कम भी हो जाए तो चलेगा, पर भरोसे की डोर इतनी मजबूत हो कि ज़िंदगी फिर से खिल उठे। बारिश हो या काले बादल, उसके होने भर से हर पल में सुकून उतर आए।

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भीड़भाड़ वाली सड़क पर शाम के समय अकेला चलता एक भारतीय व्यक्ति, जिसके चेहरे पर गहरी सोच और तन्हाई झलक रही है। उसके आसपास लोग अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त हैं, जबकि वह सच और इंसानियत के रास्ते पर अकेला खड़ा दिखाई देता है।

दुनिया की दुनियादारी

यह कविता उस इंसान की आवाज़ है जो झूठ और स्वार्थ से भरी दुनिया में भी सच, संवेदना और इंसानियत को बचाए रखने की कोशिश करता है। तन्हाई, संघर्ष और उम्मीद के बीच जीवन का सच्चा चेहरा दिखाती एक मार्मिक रचना।

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शिर्डी यात्रा और हिंदी साहित्यिक अधिवेशन में शामिल साहित्यकारों और साथियों के साथ बिताए आत्मीय और यादगार पल।

यात्रा, जो लौटकर भी साथ रही

हिंदी साहित्य भारती के शिर्डी अधिवेशन की यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मित्रता, आत्मीयता, जिम्मेदारियों और यादों से भरा जीवन का सुंदर अनुभव बन गई।

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डिब्बे वाले

“सब की भूख का हिसाब रखने वाले, अपनी भूख को कैसे दबा कर रख पाते होंगे?”
यह पंक्ति डिब्बे वालों के जीवन की मार्मिक विडंबना को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ दर्शाती है — वे जो दूसरों की भूख मिटाते थे, स्वयं भूखे रह गए।

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सोच

सोच ही हमें भीड़ से अलग करती है। दौलत नहीं, असली संपत्ति हमारी सोच है जो जीना सिखाती है, दोस्त मिलाती है, और इंसान को महान बनाती है।

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न किसान, न मजदूर, न व्यापार : ट्रम्प सेंटर्ड होगा बजट

आम बजट 2026 ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि इस बार किसान, मजदूर या व्यापारी नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति बजट की दिशा तय करेगी। ट्रम्प के रेसिप्रोकल टैरिफ ने भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात और एमएसएमई सेक्टर को गहरे संकट में डाल दिया है।

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भारत माता का प्रतीकात्मक दृश्य, लहराता तिरंगा, हिमालय, गंगा और विविध धर्मों के लोग एकता के साथ, देशभक्ति हिंदी कविता का भाव।

भारत महान

यह कविता भारत देश की महानता, एकता और सांस्कृतिक विविधता का भावपूर्ण चित्रण है। तिरंगा, गंगा, हिमालय और वीरपुरुषों के गौरवशाली इतिहास के माध्यम से यह रचना भारत माता के प्रति प्रेम, सम्मान और गर्व की भावना को सशक्त शब्द देती है।

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वेस्टर्न रेलवे ने हर्षोल्लास से मनाया बांद्रा स्टेशन महोत्सव

पश्चिम रेलवे द्वारा 26 जुलाई 2025 को “बांद्रा स्टेशन महोत्सव” उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बांद्रा स्टेशन की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष स्मारक कवर के विमोचन से हुई, जिसे पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार, मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सिंह और डाक सेवा निदेशक काया अरोरा ने जारी किया।

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