पोटली खुली नहीं, हृदय खुल गया

कथा विश्राम का वह क्षण केवल समापन नहीं था, वह कृष्ण–सुदामा की मित्रता का सजीव दर्शन बन गया। राजमहल के वैभव में अपने बालसखा को गले लगाते श्रीकृष्ण और काँपते हाथों में पोटली थामे सुदामा इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के हृदय पिघला दिए। बिना माँगे सब कुछ पा लेने वाली सुदामा की भक्ति और निष्काम मित्रता ने पंडाल में बैठे हर व्यक्ति की आँखें नम कर दीं।

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श्रीदेवी चश्मे में

मोबाइल और वीडियो गेम से पहले हमारा बचपन माचिस की छापों और फिल्मी पोस्टरों में बसा था। छाप खेलते हुए रेल पटरियों पर खज़ाना ढूँढना, रेयर माचिस पर रौब दिखाना और फिर ताश जैसे पत्तों में दांव लगाना“श्रीदेवी चश्मे में!”ये सिर्फ़ शब्द नहीं, पूरे दौर की धड़कन थे। वह खेल बिना पैसों का था, पर यादों से भरपूर।

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दगडूशेठ गणपति के चरणों में झुका पुणे

नववर्ष 2026 का शुभारंभ पुणे में पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में हुआ. वर्ष के पहले ही प्रहर में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर आस्था का महासंगम बन गया. ‘मंगलमूर्ति मोरया, गणपति बाप्पा मोरया’ के मधुर और गूंजते जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता गणपति के चरणों में नववर्ष अर्पित किया.

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नए साल में लंबी और स्वस्थ जिंदगी का संकल्प

नए साल 2026 में स्वास्थ्य विशेषज्ञ छोटे और व्यावहारिक हेल्थ रेजोल्यूशन अपनाने की सलाह दे रहे हैं. रोज 30 मिनट की गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, पानी का सही सेवन और तनाव प्रबंधन से फिटनेस बेहतर होती है, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है और लंबी उम्र पाई जा सकती है.

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मध्यप्रदेश के मांडू का भावनात्मक और ऐतिहासिक वर्णन, जहाँ खंडहरों की खामोशी, महलों की भव्यता, मानसून की वादियाँ और रात में दूर से आती बाँसुरी व लोकगीतों की आवाज़ें प्रेम और विरह का वातावरण रचती हैं. रानी रुपमती और बाज बहादुर की अमर प्रेमकथा, नर्मदा दर्शन वाला महल, मुगल काल का संघर्ष, बलिदान, समाधियाँ और सदियों बाद भी हवा में सांस लेता प्रेम मांडू को सिटी ऑफ लव के रूप में प्रस्तुत करता है.

अपनी-अपनी रुपमती : ‘मांडू’ सिटी ऑफ लव

दुनिया मांडू को सिटी ऑफ जॉय कहती है, लेकिन जो एक बार उसे ठहरकर महसूस कर ले, उसके लिए मांडू हमेशा सिटी ऑफ लव ही रहता है। मध्यप्रदेश के तमाम पर्यटन स्थलों में अगर किसी जगह की हवा में सबसे ज़्यादा भावनाएँ घुली हैं, तो वह मांडू है। यहाँ महलों की भव्यता से ज़्यादा, खंडहरों की खामोशी बोलती है।

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सीमाओं के भीतर उड़ान

वह किसी पोस्टर पर छपी निडर स्त्री नहीं थी. न ही हर बहस में आगे बढ़कर अपनी ताक़त साबित करने वाली कोई प्रतीकात्मक नायिका. अनन्या उन अनगिनत महिलाओं में से एक थी, जिनकी शक्ति शोर नहीं करतीवह संतुलन रचती है.

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आधा केक, पूरी खुशी

यह कहानी एक बच्चे के मन में छिपे लालच से शुरू होकर संवेदना और बाँटने की सीख तक पहुँचती है। सड़क किनारे मजदूर बच्चों को बिस्किट बाँटते देख उसका मन बदल जाता है और वह समझ पाता है कि खुशी जमा करने में नहीं, बाँटने में है।

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माँ : जो हर अक्स में खुदा

माँ जो बिना कहे हर दुख समेट लेती है और हर सुख में चुपचाप पास खड़ी रहती है। माँ की उपस्थिति यहाँ दूरी से परे, स्मृति और आत्मा में रची-बसी हुई है—ऐसी शक्ति जो कभी जुदा नहीं होती।

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रास की कथा से जीवन होता है रसपूर्ण

स्थानीय श्री राम मंदिर हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन भक्तिरस से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला. कथा व्यास पंडित सुनील कृष्ण व्यास ने रास की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि रास की कथा जीवन के हर रस को पूर्ण कर देती है. जो व्यक्ति रास की कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में फिर किसी रस की कमी नहीं रहती.

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रेशम के धागों से बाजार तक

सेंट्रल रेलवे की पहल से महाराष्ट्र के रेशम किसानों को एशिया के सबसे बड़े रेशम कोकून बाजार रामनगरम तक सीधी पहुंच मिली है. संगठित रेल परिवहन से किसानों को बेहतर दाम, कम लागत और गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल रही है.

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