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नगर निगम का टैंकर पानी भरते हुए

पुणे में जल संकट गहराया, टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ी

मार्च की शुरुआत के साथ पुणे में पानी की कमी गंभीर होती जा रही है। उपनगरों और नए शामिल गांवों में टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ रही है और नगर निगम को बड़ी संख्या में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराना पड़ रहा है।

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भागलपुर में गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित गांधी स्मृति यात्रा सम्मान समारोह का दृश्य

महात्मा गांधी आगमन की शताब्दी पर राष्ट्रीय समारोह

भागलपुर में महात्मा गांधी के आगमन की शताब्दी पर राष्ट्रीय स्तर पर बहुआयामी समारोह आयोजित किए जाएंगे। गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने घोषणा करते हुए बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को गांधी के विचारों और मूल्यों से जोड़ा जाएगा। झारखंड तक निकली गांधी स्मृति यात्रा में प्रो. मनोज कुमार, डॉ. मनोज मीता और प्रसून लतांत सहित कई गांधीवादी कार्यकर्ता शामिल रहे।

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सम्मान की सूखी रोटी

मैंने तुम्हारी बातों में आकर अपना परिवार छोड़ दिया और तुमने मुझे धोखा दिया,” प्रियांशी के स्वर में टूटे हुए सपनों की गूंज थी। लेकिन जवाब में जो मिला, वो और भी ज़्यादा चुभने वाला था – “तुम जैसी औरतों की कोई इज्जत नहीं…”

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भारतीय आसमान में नया मुकाबला

भारत के एविएशन सेक्टर में बड़ा धमाका हुआ है. लंबे समय से चले आ रहे एयरलाइन डुपोली को सीधी चुनौती देते हुए सरकार ने तीन नई एयरलाइंस को संचालन की मंजूरी दे दी है. अल हिंद एयर, फ्लाईएक्सप्रेस और शंख एयर को टेकऑफ की हरी झंडी मिलते ही विमानन उद्योग में हलचल तेज हो गई है

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मोहब्बत में हार, जीवन में जीत…

अनंत, शहर में बड़े सपनों के साथ आया था, लेकिन पहली मोहब्बत ने उसे टूटने के कगार पर ला खड़ा किया। दृष्टि का धोखा, टूटे दिल और निराशा में वह समुद्र की ओर बढ़ा। तभी मां की आवाज़ ने उसे रोक दिया। मां की ममता और हौसले ने अनंत को जगाया, और उसने अपने सपनों और जिंदगी को फिर से गले लगाया। अब दर्द से सीख लेकर वह सफलता की ओर कदम बढ़ा रहा है।

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माँ दुर्गा का आगमन

माँ दुर्गा के आगमन और नवरात्रि के उत्सव का सुंदर चित्रण करती है। कवि ने माँ के नौ रूपों के वास, भक्ति और श्रद्धा के भाव, तथा उनके दुष्टों के नाश करने वाले रूप का वर्णन किया है। भक्त अपनी विपत्तियों और संकटों में माँ के सामने आता है, उनका उद्धार माँ से आशा करता है। माँ का रूप लाल चुनर, मुकुट और त्रिशूल के साथ दिव्य और आकर्षक दिखाई देता है, और उनकी ममता और करुणा हर भूल और त्रुटि को क्षमा करने वाली प्रतीत होती है। भक्तों द्वारा हलवा-पूरी और चना जैसे भोग अर्पित किए जाते हैं, और वे माँ से आशीर्वाद की कामना करते हैं। पूरी कविता में भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का वातावरण स्पष्ट है, जो संसार को माँ के प्रति प्रेम और सम्मान से मोहित करता है।

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चित्रकार और लोकसंस्कृति शोधकर्ता का लोक कला पर विशेष साक्षात्कार

रंगों में लोक, शब्दों में जीवन

झारखंड के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर चित्रकला, साहित्य और लोकसंस्कृति के शोध तक पहुंचा। जानिए लोककला, मंजूषा, जादोपेटिया और लोक जीवन को लेकर एक कलाकार-लेखिका की दृष्टि।

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बारह मासा 

“चैत्र की चपलता और बैसाख की तपिश से लेकर सावन की झूलों वाली हरियाली और भादो के घने बादलों तक, यह काव्य भारतीय मासों का रंगीन चित्र प्रस्तुत करता है। इसमें ऋतुओं के बदलते रंग, प्रकृति का सौंदर्य और ग्रामीण जीवन की सहज लय एक साथ बुनी गई है, जो पाठक को पूरे वर्ष के मौसम सफर पर ले जाती है।”

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सूर्योदय की ओर बढ़ता व्यक्ति, संघर्ष और सफलता का प्रतीक प्रेरणादायक दृश्य।

अगर…

यह प्रेरणादायक कविता जीवन के संघर्ष, मेहनत, हार-जीत और आत्मविश्वास का संदेश देती है। सफलता पाने के लिए धैर्य, परिश्रम और निरंतर प्रयास की आवश्यकता को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करती है।

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घर…

मैंने अपना घर किसी ईंट-पत्थर की दीवारों पर नहीं, बल्कि एक मधुर, दर्दभरी और सुरीली तान पर बनाया है। यह महज़ चार दीवारें और एक छत नहीं, बल्कि ऐसा स्थान है जहाँ भोर से लेकर संध्या और संध्या से रात तक संगीत बहता है। यहाँ संवाद की स्वतंत्रता है, त्याग और समर्पण का अहसास है, और रिश्तों के मौन बंधन भी। इस घर में पंछियों की चहचहाहट, पेड़ों की हरियाली, तितलियों के रंग और मिट्टी की गंध बसी है। यहाँ प्राणवायु संचार करती है और नादब्रह्म विचरता है। यह रंगों और सुगंधों से भरा, मिट्टी और खुले आसमान से जुड़ा एक निरामय संसार है।

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