स्नेह की डोर : राखी
राखी केवल भाई की कलाई पर बंधा एक धागा नहीं, बल्कि उसमें बहन का स्नेह, भाई के लिए दुआएँ और बचपन की अनगिनत यादें बंधी होती हैं. ‘स्नेह की डोर — राखी’ भाई-बहन के इसी खूबसूरत रिश्ते की भावनात्मक कहानी है.

राखी केवल भाई की कलाई पर बंधा एक धागा नहीं, बल्कि उसमें बहन का स्नेह, भाई के लिए दुआएँ और बचपन की अनगिनत यादें बंधी होती हैं. ‘स्नेह की डोर — राखी’ भाई-बहन के इसी खूबसूरत रिश्ते की भावनात्मक कहानी है.
सातारा का कास पठार 1 सितंबर से पर्यटकों के लिए फिर खुलेगा. फूलों के मौसम से पहले वन विभाग ने तीन नए व्यू-पॉइंट, लेटराइट पगडंडियां, प्रतीक्षालय और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तैयार की हैं.
कान्हा के प्रति प्रेम और पूर्ण समर्पण की अभिव्यक्ति करती यह भक्ति कविता मोरपंख से लेकर बाँसुरी, पायल और चरणों की धूल बनने की भावपूर्ण कल्पना के माध्यम से कृष्ण-भक्ति को व्यक्त करती है.
वर्षों बाद रक्षाबंधन पर भाइयों से मिलने पहुँची मनु के लिए यह सिर्फ राखी का त्योहार नहीं, बल्कि बचपन की उन यादों को फिर से जीने का अवसर था, जिन्हें समय कभी धुँधला नहीं कर पाया.
किसानों के दर्द, टूटे वादों और संघर्ष के बीच उम्मीद की लौ को बचाए रखने वाली संवेदनशील ग़ज़ल. अंगारों पर चलकर मंज़िल पाने का संदेश देती यह रचना दिल को छूती है.
प्रीति गुप्ता ने पिछले 15 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है. 11 हजार से अधिक बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण और जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह जैसे प्रयास उनकी सेवा यात्रा की पहचान हैं.
गुलमोहर का रंग और रजनीगंधा की खुशबू प्रेम के दो अलग-अलग रूपों जैसे हैं. एक में जुनून है, दूसरे में प्रतीक्षा और दोनों में एक-दूसरे में बने रहने का एहसास.