gulmohar

सोशल मीडिया पर वह

सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति और पहचान बनाती भारतीय महिला। सोशल मीडिया ने महिलाओं को अपनी भावनाएं व्यक्त करने और प्रतिभा दिखाने का नया मंच दिया है।

सीमा खंडागले, पुणे

इक्कीसवीं सदी की सोशल मीडिया पर
बेबाक कठपुतली है वह…

चार दीवारों के भीतर
भले ही गुमसुम रही,
आभासी दुनिया में
शब्दों के सहारे बोलने लगी…

संकीर्ण और पारंपरिक समाज में
अपनी लेखनी के सहारे सम्मान हासिल किया,
फेसबुक, ब्लॉग्स, वेबसाइट और व्हाट्सऐप की दुनिया में
भावनाओं के झरने को खुलकर बहने दिया…

कविताओं, कहानियों और लेखों के माध्यम से
वह दुनिया के सामने आई,
अपने अस्तित्व की छाप उसने
सबके मन पर बनाई।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उसे प्राप्त हुई,
मन की धड़कनें जाग उठीं
और यहीं आकर वह सुखी हुई।

इस खुले आसमान में
पंख फैलाकर वह उड़ने लगी…

मन की गहराइयों में छिपी भावनाओं को व्यक्त किया,
एक-दूसरे के दर्द को समझा
और महसूस किया…

सारे बंधनों को तोड़कर
उसने नई पहचान बनाई,
देखो, इस आभासी दुनिया ने ही
उसे एक नई दिशा दिखाई…

अज्ञानता के अंधकार से वह बाहर आई,
ऑनलाइन ज्ञान के प्रकाश से
उसकी प्रतिभा निखर आई।

मुक्त, स्वच्छंद, आनंदित होकर,
नारी शक्ति का उत्सव मनाने वाली,
कुछ ऐसी ही तो है वह…

ऑनलाइन रहने वाली ‘वह’…!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *