भारत में रोटी के लिए लाइन में खड़े अमीर और गरीब लोग, भूख और जीवन संघर्ष को दर्शाता भावुक यथार्थवादी दृश्य।

सब लोग तेरे दीवाने

“सब लोग तेरे दीवाने” एक संवेदनशील हिंदी कविता है, जो रोटी के महत्व और भूख की पीड़ा को गहराई से व्यक्त करती है। यह कविता बताती है कि अमीर हो या गरीब, हर इंसान की पहली जरूरत रोटी ही है। जीवन के संघर्ष, इच्छाओं और हालातों के बीच रोटी की तलाश कभी खत्म नहीं होती। कवि ने सरल शब्दों में समाज की वास्तविकता, गरीबी और मानवीय जरूरतों को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। यह कविता पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि रोटी केवल भोजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है।

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भारतीय घर के अंदर दो बहनों के बीच भावुक बातचीत का दृश्य, दरवाजे पर एक युवक हाथ में जन्मदिन का उपहार लिए खड़ा है, कमरे में आश्चर्य और संवेदना का माहौल।

उपहार

उपहार एक मार्मिक लघुकथा है, जो बाहरी रूप और सामाजिक धारणाओं से ऊपर उठकर इंसानियत का संदेश देती है। सुनीति, कल्पना और जतिन के संवादों के माध्यम से कहानी बताती है कि हर व्यक्ति को उसके रूप से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और भावनाओं से परखना चाहिए। जहां एक ओर दिखावटी उपहार अस्वीकार हो जाता है, वहीं स्नेह, सम्मान और भाईचारे का भाव सबसे बड़ा उपहार बनकर सामने आता है। यह कहानी पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि असली सुंदरता मन और नीयत में होती है।

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पुरानी छत पर सूखते कपड़े, दर्पण और बिखरे फूलों के साथ यादों से भरा भावनात्मक दृश्य

यादें…

यह कविता यादों की उस दुनिया को शब्द देती है, जहाँ प्रेम, बिछड़न और बीते पलों की महक आज भी जीवित है। सूखे फूलों, होली के रंगों और बारिश की स्मृतियों के माध्यम से मन में छिपी भावनाओं को बेहद मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है।

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छोटी दुकान के सामने खड़े सफल व्यापारी योगेंद्र पोरवाल, संघर्ष से सफलता की प्रेरक कहानी

जिंदगी में बदलाव जरूरी है

यह प्रेरक कहानी योगेंद्र पोरवाल की है, जिन्होंने मात्र 16 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद जिम्मेदारियाँ संभालीं और छोटी सी दुकान से सफर शुरू किया। समय के साथ बदलाव अपनाते हुए उन्होंने संघर्ष, मेहनत और दूरदर्शिता से 30 वर्षों में सफलता की मजबूत पहचान बनाई।

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रेगिस्तान में खड़ी एक लड़की के पीछे नागफनी का पौधा, समाज में बेटियों के दर्द का प्रतीकात्मक दृश्य

नागफनी सी बेटियां !

यह कविता बेटियों के प्रति समाज में मौजूद भेदभाव और उपेक्षा की मार्मिक तस्वीर प्रस्तुत करती है। नागफनी के प्रतीक के माध्यम से दिखाया गया है कि प्रेम और स्वीकार्यता से वंचित लड़कियां भीतर से कोमल होते हुए भी परिस्थितियों के कारण कठोर बन जाती हैं।

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टेबल पर खुली किताब, बिखरे कागज़ और खिड़की से आती रोशनी, अधूरे सपनों का भावनात्मक दृश्य

ख़्वाब

ख़्वाब” कविता अधूरे सपनों, बिखरी ख्वाहिशों और यादों की गहराई को व्यक्त करती है। यह रचना बताती है कि हर सपना पूरा होना ज़रूरी नहीं, कुछ अधूरे ख़्वाब ही जीने की वजह बन जाते हैं और यादों में हमेशा जिंदा रहते हैं।

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पुरानी गलियों में खड़ा एक व्यक्ति बचपन की यादों में खोया हुआ, भावनात्मक दृश्य

वो गलियां

“वो गलियां” कविता बचपन की यादों, पुरानी गलियों और बीते समय की भावनात्मक यात्रा है। यह रचना बताती है कि अतीत हमें संवारता है, लेकिन भविष्य का निर्माण केवल आज के संघर्ष और प्रयासों से होता है। यादों और वर्तमान के बीच संतुलन का सुंदर संदेश देती कविता।

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साहित्य संकल्प राँची इकाई की प्रथम ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में शामिल कवि और साहित्यकार

राँची में सजा शब्दों का महाकुंभ

साहित्य संकल्प, राँची इकाई द्वारा प्रथम ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर साबित हुआ, जिसमें देशभर के रचनाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उर्मिला सिन्हा ने की। कार्यक्रम का संयोजन, संचालन एवं स्वागत उद्बोधन अर्पणा सिंह ‘अर्पी’ ने कुशलतापूर्वक किया।

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बालकनी कविता: एक छोटी जगह, बड़े ख्वाब

बालकनी

बालकनी केवल घर का हिस्सा नहीं, मन का खुला आकाश है। यह वह स्थान है जहाँ विचारों को उड़ान मिलती है, सपनों को पंख लगते हैं और जीवन की छोटी-बड़ी हलचलें दिखाई देती हैं। कभी नन्ही चिड़िया यहाँ समय बिताती है, तो कभी गिलहरी अपने करतब दिखाती है। महिलाएँ सजती हैं, युवा मोबाइल में खो जाते हैं, बुज़ुर्ग यादों के किस्से सुनाते हैं और बच्चे दुनिया को समझते हैं। यही जगह आँसू छुपाने, उदासी मिटाने और क्रोध शांत करने का भी सहारा बनती है। अंत में एक कप कॉफी संग मुस्कुराहट लौट आती है।

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एक अकेला कवि रात में दीपक की रोशनी में कविता लिखता हुआ, भावनात्मक और तन्हा माहौल।

दिल की तन्हाई

‘दिल की तन्हाई’ एक मार्मिक कविता है, जो कवियों के भीतर छिपे दर्द, संवेदनाओं और शब्दों की ताकत को उजागर करती है। कविता बताती है कि कवि अपने जख्मों को कविता में ढाल देते हैं और अपने दर्द को सुरों में सजाकर दुनिया के सामने रखते हैं। वे दूसरों के दुख को इसलिए समझ पाते हैं क्योंकि स्वयं पीड़ा से गुजर चुके होते हैं। इस रचना में कवि मन की गहराई, तन्हाई और भावनात्मक संसार का सुंदर चित्रण किया गया है। यह कविता पाठकों को कवि के अंतर्मन से जोड़ने का कार्य करती है।

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