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कौन बनेगा करोड़पति के ऑडिशन के लिए दिल्ली पहुँची महिला की प्रेरक कहानी

करोड़पति नहीं, मगर हौसला जीता

एक फोन कॉल, 826 नंबर, दिल्ली का ऑडिशन और करोड़पति बनने का अधूरा सपना. पहली कोशिश में KBC तक पहुँची इस महिला की कहानी बताती है कि असली जीत हमेशा चयन नहीं होती, कभी-कभी कोशिश भी बड़ी जीत होती है.

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मथुरा की कारागार में श्रीकृष्ण जन्म और जन्माष्टमी के पावन दृश्य को दर्शाती हिंदी कविता

हे श्रीकृष्ण! जन्म लो फिर से

मथुरा की अँधेरी रात से लेकर नंद के आँगन तक श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य कथा और उनके प्रेम, सत्य, धर्म तथा मानवता के संदेश को समर्पित भावपूर्ण कविता.

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माँ की याद में संभालकर रखे पुराने रुमाल और माँ-बेटी के भावुक रिश्ते को दर्शाती हिंदी कविता

माँ के ये रुमाल

पैंतीस साल से माँ से दूर रहने के बावजूद उनके कुछ पुराने रुमाल आज भी माँ के स्पर्श, दुलार और आश्वासन का एहसास कराते हैं. ‘माँ के ये रुमाल’ माँ-बेटी के अटूट रिश्ते की मार्मिक कविता है.

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सावन की बारिश में हरे-भरे आम के पेड़ और प्रेम की यादों को दर्शाती हिंदी कविता मन अमराई महकी रे

“मन अमराई महकी रे”

सावन की बदली, भीगी पलकें, कोयल की कूक और मन में उतरती प्रेम की याद. ‘मन अमराई महकी रे’ रिश्तों, प्रकृति और प्रीत के मधुर एहसासों से सजी भावपूर्ण हिंदी कविता है.

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सावन की बारिश में भीगा लाल बोगनवेलिया और प्रेम की यादों को दर्शाती हिंदी कविता

बोगनवेलिया

सावन की घटाटोप बारिश, लाल बोगनवेलिया और किसी की याद. काँटों के बीच भीगी पंखुड़ियों में छिपी यह कविता अधूरी मोहब्बत, दूरी और वफ़ा की खूबसूरत दास्तान कहती है.

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ममता सिंह देवा पॉटरी कलाकार और कवयित्री का रचनात्मक सफर

मिट्टी से शब्दों तक, विद्रोह की अपनी एक भाषा है

भारत से पॉटरी एंड सिरामिक में मास्टर्स करने वाली पहली महिला ममता सिंह देवा से सृजन, संघर्ष, प्रेम, विद्रोह और स्त्री के सच पर एक आत्मीय बातचीत. सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे मिट्टी को आकार देने वाले हाथ जब शब्दों में जीवन का सच उकेरते हैं, तो सृजन की एक अनोखी यात्रा जन्म…

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माँ के हाथों से बने पारंपरिक भोजन के साथ बचपन की यादों को दर्शाता भावुक पारिवारिक दृश्य

यादों की गलियों में लौट चलें

माँ के हाथों का स्वाद केवल भोजन का स्वाद नहीं, बल्कि ममता, त्याग और निस्वार्थ प्रेम की ऐसी विरासत है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारे साथ चलती है।

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मौलिक रचना बनाम कॉपी-पेस्ट

ऑर्गेनिक कहानी

जब मेहनत से उगाई गई ऑर्गेनिक सब्ज़ियों का स्वाद अलग होता है, तो क्या मौलिक रचना और चोरी की पंक्ति में भी कोई फ़र्क़ नहीं होना चाहिए? ‘ऑर्गेनिक कहानी’ इसी सवाल पर तीखा व्यंग्य है.

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शराबी पति की हिंसा से मुक्त होकर अकेले जीवन में सुकून तलाशती महिला

सुकून

क्या पति का साथ हमेशा सुख देता है? ‘सुकून’ एक ऐसी स्त्री की मार्मिक कहानी है, जो हिंसा और शराब की लत से भरे रिश्ते से निकलकर अकेलेपन में अपने हिस्से की शांति तलाशती है.

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खिड़की के पास बैठी उदास युवती और अधूरी प्रेम कहानी का भावनात्मक दृश्य

काश तुम मेरी खामोशी पढ़ पाते…

कुछ प्रेम कहानियाँ इसलिए अधूरी नहीं रह जातीं कि उनमें प्यार कम होता है, बल्कि इसलिए कि एक दिल बोल नहीं पाता और दूसरा उसकी खामोशी सुन नहीं पाता।

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