प्रेम में राधा मत बनना
प्रेम में स्वयं को खो देना प्रेम नहीं. कृष्ण के संदर्भ में लिखी यह कविता प्रेम, आत्मस्वीकृति और आत्मसम्मान के बीच एक अलग दृष्टि प्रस्तुत करती है.

प्रेम में स्वयं को खो देना प्रेम नहीं. कृष्ण के संदर्भ में लिखी यह कविता प्रेम, आत्मस्वीकृति और आत्मसम्मान के बीच एक अलग दृष्टि प्रस्तुत करती है.
कभी-कभी किसी की दी हुई सज़ा ही हमारे भीतर नया जीवन भर देती है. ‘फिनिक्स बना दिया’ टूटे वजूद से फिर जन्म लेने और नए सफ़र पर निकल पड़ने की कविता है.
प्रेम की प्यास, विरह की पीड़ा और टूटते संयम के बीच मन की गहरी बेचैनी को स्वर देती यह कविता आँसुओं से भरी ज़िंदगी और अधूरे प्रेम की भावनात्मक कहानी कहती है.
स्त्री के अस्तित्व, सम्मान, अधिकार और आत्मबोध को केंद्र में रखती यह कविता बदलते समाज में स्त्री के अपने मान और स्त्रीत्व को पहचानने की आवश्यकता पर सवाल उठाती है.
रणथंभौर से चित्तौड़ तक इतिहास के धधकते पन्ने वीरता और बलिदान की अनेक गाथाएँ कहते हैं. यह कविता युद्ध की पीड़ा के बीच शांति और मानवता का संदेश देती है.
बनारस के पान से लेकर अस्सी और मणिकर्णिका घाट तक, प्रेम के अनोखे बिंबों में बुनी यह कविता एहसास, इंतज़ार और मोहब्बत की खूबसूरत कहानी कहती है.
किसी के होने से सचमुच फर्क पड़ता है. उसकी आवाज़, इंतज़ार और छोटी-सी पूछताछ भी जिंदगी में बहुत कुछ बदल देती है. ‘फर्क पड़ता है’ रिश्तों की इसी अनकही सच्चाई को महसूस करती कविता है.
एक फोन कॉल, 826 नंबर, दिल्ली का ऑडिशन और करोड़पति बनने का अधूरा सपना. पहली कोशिश में KBC तक पहुँची इस महिला की कहानी बताती है कि असली जीत हमेशा चयन नहीं होती, कभी-कभी कोशिश भी बड़ी जीत होती है.