माँ तेरा आँचल…
‘माँ तेरा आँचल’ कविता माँ के स्नेह, ममता और सुरक्षा के उस भावलोक को चित्रित करती है जहाँ आँचल ही संसार बन जाता है। यह रचना बचपन की स्मृतियों और मातृत्व की गरिमा को सरल शब्दों में जीवंत कर देती है।

‘माँ तेरा आँचल’ कविता माँ के स्नेह, ममता और सुरक्षा के उस भावलोक को चित्रित करती है जहाँ आँचल ही संसार बन जाता है। यह रचना बचपन की स्मृतियों और मातृत्व की गरिमा को सरल शब्दों में जीवंत कर देती है।
मुरलीधर की मुरली हमें यही सिखाती है कि जीवन में प्रेम-भक्ति में मगन रहो। हमें यह सोचने की आवश्यकता है कि हमने किस हेतु जन्म लिया और अपने विचारों को पावन बनाए रखना चाहिए। जीवन की यह कर्मभूमि सत्कर्मों के लिए है, और हमें चर और अचर दोनों का ध्यान रखना चाहिए। धन-दौलत तो आनी-जानी है, लेकिन सत्य को मानकर मगन रहना आवश्यक है।
संयम और धीरज बनाए रखना चाहिए, धर्म की बातों में निष्पक्ष होना चाहिए। जीवन के संघर्षों में आगे बढ़ते हुए सुंदर मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। अपने आत्म-विवेचन से दृढ़ प्रतिज्ञ बनो और हमेशा मगन रहो।
विद्या सबसे बड़ा धन है, और जीवन में सम्मत व्यवहार करना चाहिए। संयम और अदम्य साहस से अपने संघर्षों का समाधान करना चाहिए और संस्कृति के सहोदर बनकर जीवन जीना चाहिए।
त्यौहारों की चहक, लोकगीतों की मिठास और कविता की गूंजइन सबका संगम उस शाम देखने को मिला, जब सेनको गोल्ड शॉप ने तीज पर्व के अवसर पर एक विशेष आयोजन किया. आमतौर पर चमचमाते गहनों और ग्राहकों की चहल-पहल से सजी इस शॉप ने उस दिन संस्कृति, परंपरा और कला का रंगीन आँगन सजाया. शाम की शुरुआत पारंपरिक मेहंदी से हुई. आमंत्रित कवयित्रियों के हाथों में मेहंदी रचाई गई, जिसने पूरे वातावरण को तीज की सुगंध से भर दिया. मुस्कुराहटों और गीतों के बीच यह दृश्य मानो घर-आँगन के उत्सव को जीवंत कर रहा था.
इंदौर ने स्वच्छता में लगातार आठवीं बार पहला स्थान पाकर यह सिद्ध कर दिया है कि जब नागरिक जागरूक हो जाएं तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं। जहां देश के कई शहरों में सफाईकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं इंदौर में उन्हें हार पहनाकर सम्मानित किया जा रहा है। यह सिर्फ स्वच्छता की जीत नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की जीत है। इंदौर ने साबित किया है कि शहर की खूबसूरती केवल सड़कें नहीं, बल्कि वहां के लोगों का दिल भी होता है।
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लग्जरी कार निर्माता BMW ग्रुप इंडिया ने भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। कंपनी ने 5,000 इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी पूरी कर देश की पहली लग्जरी कार कंपनी बनने का गौरव प्राप्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही BMW ने देश में 4,000 किमी लंबा हाई-पावर चार्जिंग कॉरिडोर भी शुरू किया है, जो उत्तर से दक्षिण भारत तक फैला है। कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ विक्रम पवाह ने कहा कि यह केवल एक संख्या नहीं बल्कि BMW की ई-मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता और लग्जरी को टिकाऊपन के साथ जोड़ने की सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के जरिए अब जम्मू से मदुरै तक इलेक्ट्रिक वाहन ग्राहक बिना किसी चिंता के यात्रा कर सकेंगे।
सितंबर आते ही ऋतु-संधि का मधुर प्रकाश धरती पर उतर आता है। बरखा की विदाई और शरद की मुस्कान एक साथ झलकने लगती है। खेतों में धान और मक्का लहलहाते हैं, तो आँगनों में गेंदा और कमल अपनी सुगंध बिखेरते हैं। यह महीना केवल प्रकृति के बदलते रंगों का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सवों का भी साक्षी है। पितृपक्ष की श्रद्धा और गणपति का उल्लास, दोनों एक साथ वातावरण को भक्ति और आनंद से भर देते हैं। नीलम-से गगन में पुखराज-सा सूरज चमकता है और मन के आँगन में एक नया उजास जगाता है। सचमुच, सितंबर नवजीवन का संदेश लेकर आता है।
कुछ रिश्ते डोरियों से नहीं, आत्मा के एहसासों से बंधे होते हैं। “धागों से परे” एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जिसमें कठपुतलियाँ प्रेम, बिछड़न और मुक्ति का प्रतीक बन जाती हैं।
प्रेम, विश्वास और रिश्तों की डोर जब छल और स्वार्थ के बोझ तले टूट जाती है, तब केवल दो दिल नहीं बिखरते, बल्कि कई परिवारों की खुशियाँ भी उजड़ जाती हैं। ‘चरित्र का हनन’ कविता आधुनिक समाज में बदलती मानसिकता, विश्वासघात और संवेदनाओं के क्षरण पर एक मार्मिक प्रहार है।