शहर की सड़क के डिवाइडर पर लेटी सोचमग्न बिल्ली, पीछे गुजरती कारें और मोबाइल में व्यस्त लोग, बदलते समय का व्यंग्यात्मक दृश्य।

बिल्ली का अफसोस !

“बिल्ली का अफसोस” एक रोचक व्यंग्य कविता है जिसमें बिल्ली के माध्यम से बदलते समाज, खत्म होते अंधविश्वास और घटते रुतबे पर मज़ेदार कटाक्ष किया गया है।

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न्याय और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में शहर की सड़क पर तलवार उठाए दृढ़ संकल्पित भारतीय महिला, पीछे नाटकीय आकाश और उजाला।

तलवार उठाना होगा

“तलवार उठाना होगा” एक ओजपूर्ण हिंदी कविता है जो बेटी, बहन, पत्नी और नारी के विविध रूपों का सम्मान करते हुए समाज में बढ़ते अत्याचारों के विरुद्ध जागरूकता और संघर्ष का संदेश देती है।

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आत्मविश्वास से भरी एक भारतीय महिला, स्वतंत्र और सशक्त व्यक्तित्व को दर्शाती हुई

एक नारी की अभिव्यक्ति

यह कविता एक ऐसी स्त्री की आवाज़ है, जिसने रिश्तों के बोझ से ऊपर उठकर खुद को पहचानना सीख लिया है। वह अब समझौते नहीं करती, बल्कि अपने आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीना चुनती है।

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एक भावुक जोड़ा, अधूरी मुलाकात का प्रतीक, शांत वातावरण में खड़ा हुआ

जब तुम आओ…

जब कोई मिलने आए, तो वह अधूरा नहीं, पूरा होकर आए—यही इस कविता का मूल भाव है। यह रचना बताती है कि आधे मन और बंटी हुई भावनाओं के साथ सच्चा समर्पण संभव नहीं होता। प्रेम तभी पूर्ण होता है, जब उसमें किसी प्रकार की कमी या विभाजन न हो।

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तेरे जाने के बाद कविता

तेरे जाने के बाद

“तेरे जाने के बाद” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो किसी अपने के बिछड़ने के बाद जीवन में आए बदलावों को दर्शाती है। इसमें जिम्मेदारियों के बीच छिपे दर्द, घर के खाली कोने, यादों की चुप्पी और समय की सच्चाई को बेहद संवेदनशीलता से व्यक्त किया गया है। यह कविता बताती है कि समय घाव भरता नहीं, बल्कि जीना सिखाता है। मुस्कान के पीछे छिपा खालीपन और भीतर की थकान हर उस व्यक्ति की भावना है जिसने किसी खास को खोया है। यह कविता दर्द के साथ जीवन की परिपक्वता भी सिखाती है।

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महावीर अभिमन्यु: वी

महावीर अभिमन्यु

महावीर अभिमन्यु भारतीय इतिहास और महाभारत का ऐसा नाम है, जो अद्भुत साहस और बलिदान का प्रतीक है। अधूरे चक्रव्यूह ज्ञान के बावजूद उन्होंने रणभूमि में अपार वीरता दिखाई। युवा अवस्था में ही अनेक महारथियों का सामना कर उन्होंने इतिहास रच दिया। यह कविता अभिमन्यु के शौर्य, संघर्ष, मातृ स्नेह, अर्जुन पुत्र होने के गौरव और अन्यायपूर्ण मृत्यु की वेदना को व्यक्त करती है। अभिमन्यु केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्य और आत्मबल का प्रेरणास्रोत हैं, जिनकी गाथा आज भी हर हृदय को प्रेरित करती है।

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खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल: हौसलों को न गिराया कर

उम्मीदों की ग़ज़ल

यह खूबसूरत ग़ज़ल जीवन के गहरे सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती है। इसमें प्रेम, धैर्य, हौसला और आत्मविश्वास का संदेश छिपा है। ज़िन्दगी कठिन हो सकती है, मगर उसे अपनाना ही जीत है। टूटे ख्वाबों के बाद भी हिम्मत बनाए रखना, दिल की हर बात हर किसी से न कहना और रोशनी को बांटते रहना ये ग़ज़ल इन्हीं जीवन मूल्यों को सलीके से सामने लाती है। हर शेर इंसान को भीतर से मजबूत बनने, खुद से जुड़ने और उम्मीद की लौ जलाए रखने की प्रेरणा देता है।

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alt text: Two hands gently holding a symbolic thread representing relationships, warm emotional atmosphere, soft light, trust, balance, connection, meaningful human bond, realistic artistic scene.

रिश्तों की डोर

स्वरा सुरेखा अग्रवाल (उत्तरप्रदेश) रिश्तों की डोर दोनों ओर से मजबूत होनी चाहिए। जितने ज़्यादा रिश्ते, उतनी डोर झुकेगी। रिश्तों की गति मद्धम होनी चाहिए, फास्ट नहीं, ज़रा स्लो रखिए। गर्माहट की तपिश स्निग्ध हो, पकड़ कोज़ी हो, चाशनी कम और कड़वाहट मनमोहक—यानी संतुलन ज़रूरी है। बांधिए भी उतना कि घुटन न हो, पकड़िए भी…

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चिट्ठी उनके नाम की कविता

चिठ्ठी उनके नाम की

एक खूबसूरत हिंदी कविता “चिट्ठी उनके नाम की” जिसमें यादें, प्रेम और भावनाओं की गहराई को शब्दों में पिरोया गया है। दिल को छू लेने वाली यह कविता

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महाभारत की सभा में खड़ी द्रौपदी, पांडवों और भीष्म के सामने प्रश्न उठाती हुई

पुरुषार्थ

महाभारत के द्यूत क्रीड़ा प्रसंग के बाद का एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक चित्रण है, जहाँ द्रौपदी पांडवों और भीष्म पितामह के सामने अपने अपमान और न्याय के प्रश्न उठाती हैं। यह रचना न केवल पौराणिक घटना को जीवंत करती है, बल्कि आज के समाज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता को भी उजागर करती है। जानिए सच्चे पुरुषार्थ का अर्थ क्या है।

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