एक खत देवांश के नाम
क स्त्री का अपने पति के नाम लिखा गया यह मार्मिक पत्र उसके जीवन के उन अनकहे दर्दों को उजागर करता है, जो प्रेम की चाह, उपेक्षा और रिश्तों की खामोशी के बीच धीरे-धीरे उसे भीतर से तोड़ देते हैं।

क स्त्री का अपने पति के नाम लिखा गया यह मार्मिक पत्र उसके जीवन के उन अनकहे दर्दों को उजागर करता है, जो प्रेम की चाह, उपेक्षा और रिश्तों की खामोशी के बीच धीरे-धीरे उसे भीतर से तोड़ देते हैं।
हार और जीत, सुख और दुख, प्रेम और घृणा—जिंदगी इन सभी भावों का संगम है। यह कविता जीवन के इसी सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती है और हमें सिखाती है कि कर्म, सरलता और परमार्थ के मार्ग पर चलकर ही जीवन के पलों को सार्थक बनाया जा सकता है।
पुणे में बढ़ते तापमान को देखते हुए पुणे महानगरपालिका ने संभावित हीटवेव को लेकर नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है. मनपा ने हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए पानी अधिक पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने जैसी महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की हैं.
रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) 12 मार्च 2026 की रात 11.45 बजे से 13 मार्च 2026 की सुबह 3.15 बजे तक बंद रहेगी. इस दौरान सिस्टम में डिस्क डी-फ्रैग्मेंटेशन का रखरखाव कार्य किया जाएगा.
एलपीजी की कमी के कारण पुणे के चाकण औद्योगिक क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों ने अस्थायी रूप से उत्पादन बंद कर दिया है. उद्योगपतियों के अनुसार पिछले कई दिनों से वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे छोटे उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है.
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होली और रंगपंचमी के अवसर पर लगने वाला डोल मेला आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। झरावदा, गोगापुर और कसारी जैसे गांवों में श्रद्धालु अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
“पिताजी को कैसे मनाना है” एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जिसमें दोस्तों के साथ समय बिताने की इच्छा और पिता से अनुमति लेने की मासूम दुविधा को सरल और हृदयस्पर्शी शब्दों में व्यक्त किया गया है।
जमशेदपुर की वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार डॉ. संजुला सिंह “संजू” को नेपाल की संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा सम्मान रत्न 2026 से सम्मानित किया गया। महिला दिवस के अवसर पर उन्हें साहित्य और मातृभाषा के संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
भारतीय संस्कृति में नारी को सदा से देवी का स्वरूप माना गया है। यह लेख नारी की शक्ति, त्याग, ममता और साहस को दर्शाता है और बताता है कि नारी कभी भी कमजोर नहीं रही। नारी सृष्टि की आधारशिला है और हर रूप में सम्माननीय है।
“मैं लिखने बैठी हूँ” एक भावनात्मक हिंदी कविता है जिसमें कवयित्री अपने मन में उमड़ते विचारों, जीवन के अनुभवों, प्रेम, प्रकृति और स्मृतियों को शब्दों में व्यक्त करती है। यह कविता आत्मा की आवाज़ और संवेदनाओं की गहराई को सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है।