जिंदगी का सच

जिंदगी के सुख-दुख, हार-जीत और जीवन दर्शन को दर्शाती प्रेरणादायक हिंदी कविता

पुष्पा पाठक, प्रसिद्ध लेखिका, छतरपुर

हार भी जिंदगी, जीत भी जिंदगी
हार भी जिंदगी, जीत भी जिंदगी,
है सुखद जिंदगी और सरल जिंदगी।
कभी राहें कठिन, कभी राहें सरल,
जब आते हैं ग़म, नहीं कोई है हल।।

प्रेम और घृणा का यह संगम भी है,
सुख और दुख का यह मिलन भी है।
जिंदगी त्याग है, जिंदगी कर्म है,
छल-कपट मत करो, जिंदगी धर्म है।।

जिंदगी को समझना बहुत ही कठिन,
उलझ यदि गए तो ले आती दुर्दिन।
तुम सरल बनोगे तो जिंदगी है सरल,
परमार्थ के लिए पीना पड़ता गरल।।

यह क्षणभंगुर है, यह शाश्वत नहीं,
मृत्यु निश्चित है, यह चिरंतन नहीं।
जिंदगी के पलों को सुख से जियो,
ये पुनः न मिलेंगे सबको लेकर जियो।।

2 thoughts on “जिंदगी का सच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *