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तेरे होने और मेरे न होने के बीच | एक प्रेम कविता

तेरे होने, मेरे न होने के बीच

कुछ रिश्ते नाम से नहीं, एहसासों से जिए जाते हैं। यह कविता प्रेम, स्मृतियों, आगोश और उस अनकहे खालीपन की कहानी है, जहाँ “तेरे अलावा” और “तेरे बिना” एक साथ सांस लेते हैं।

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घर में महसूस होती माँ की उपस्थिति और ममता को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

शायद माँ आयी है

‘शायद माँ आई है’ एक ऐसी भावनात्मक कविता है जिसमें माँ सीधे दिखाई नहीं देती, लेकिन उसकी आदतें, सहेजने का ढंग और प्रेम घर के हर कोने में महसूस होता है। यह कविता मातृत्व की उस अनकही उपस्थिति को शब्द देती है जो हमेशा साथ रहती है।

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नारी के मौन, संघर्ष और आत्मसम्मान को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

मौन

‘मौन’ स्त्री जीवन की उस पीड़ा और संघर्ष की कविता है, जहाँ सदियों से लादी गई अपेक्षाएँ, रिश्तों के बोझ और पहचान की तलाश एक तीखा प्रश्न बनकर उभरते हैं। यह कविता नारी की चुप्पी नहीं, उसके भीतर के प्रतिरोध और आत्मसम्मान की आवाज़ है।

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युवा पीड़ा, सामाजिक निराशा और भीतर के शोर को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

पंगु

‘पंगु’ केवल एक कविता नहीं, बल्कि भीतर दबे शोर, सामाजिक विडंबना, युवा असंतोष और व्यवस्था पर तीखा प्रश्न है। इसमें बेरोजगारी, टूटते सपने, स्त्री असुरक्षा और राजनीतिक वादों के बीच जूझती पीढ़ी की बेचैनी मुखर होकर सामने आती है।

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दर्द और अकेलेपन की भावना दर्शाती हिंदी कविता का भावनात्मक दृश्य

व्यथा

यह कविता मन के अनकहे दर्द, रिश्तों की टूटन, सामाजिक कलुषता और भीतर पसरे परिताप को संवेदनशील शब्दों में व्यक्त करती है। हर पंक्ति एक ऐसे मन की आवाज़ है जो कहना भी चाहता है और छिपाना भी।

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आत्मविश्वास से खड़ी एक भारतीय महिला, हाथ में किताब और कलम लिए, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान का प्रतीक भाव लिए हुए।

हाँ, मैं एक स्त्री हूँ…

यह कविता उस स्त्री की आवाज़ है जो समाज की परिभाषाओं से परे अपनी पहचान खुद गढ़ना चाहती है। संघर्ष, आत्मविश्वास और स्वाभिमान से भरी यह रचना स्त्री-अस्तित्व की सशक्त अभिव्यक्ति है।

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क़तर के समुद्र किनारे सूर्यास्त के बीच खड़ी एक भारतीय महिला, जो तन्हाई, यादों और प्रेम की नई उम्मीदों में खोई हुई है।

चलते रहने का नाम ज़िंदगी

क़तर में अकेली ज़िंदगी जी रही मान्या परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद को भूल चुकी थी। तन्हाई, पुराने प्रेम की स्मृतियाँ और नए रिश्ते के डर के बीच जब जीवन ने उसे प्रेम का दूसरा अवसर दिया, तब उसे समझ आया कि चलते रहने का नाम ही ज़िंदगी है।

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उज्जैन में शुरू हुआ देश का पहला एमबीए टैंपल मैनेजमेंट कोर्स

मंदिरों की व्यवस्था को संभालने तैयार होंगे प्रोफेशनल

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने मंदिरों की बढ़ती आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एमबीए टैंपल मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया है। ग्रेजुएट विद्यार्थी इस दो वर्षीय कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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अधिकमास के चलते उज्जैन में जूना अखाड़े की पेशवाई और स्नान यात्रा स्थगित

अधिकमास के कारण थमी गंगा दशहरा की रौनक

उज्जैन में गंगा दशहरा उत्सव के दौरान जूना अखाड़े ने अधिकमास के कारण पेशवाई और नीलगंगा सरोवर में होने वाले स्नान कार्यक्रम स्थगित कर दिए। हालांकि संतों ने मां शिप्रा और चिंतामन गणेश का विधिवत पूजन किया। अब केवल मां गंगा की आरती आयोजित की जाएगी।

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उगते सूरज की रोशनी में आत्मगौरव और राष्ट्रप्रेम के भाव के साथ आगे बढ़ते लोगों का प्रेरक दृश्य, देशभक्ति हिंदी कविता का प्रतीकात्मक चित्र।

आत्मगौरव

आत्मगौरव, राष्ट्रभक्ति और मानव कल्याण के भावों से सजी यह हिंदी कविता देश की शक्ति, संस्कृति और विश्व कल्याण के संकल्प को प्रभावशाली शब्दों में व्यक्त करती है।

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