मखाना: सेहत का साथी या नुकसान का कारण?

कभी सिर्फ व्रत के खाने तक सीमित मखाना आज हेल्थ-फ्रीक लोगों की थाली में जगह बना चुका है। लो-कैलोरी और हाई-फाइबर स्नैक होने के कारण इसे सुपरफूड कहा जा रहा है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, मखाना वजन घटाने, शुगर कंट्रोल और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है।

पोषण विशेषज्ञ भावना मुनजल बताती हैं, “मखाना फ्लेवोनॉइड्स और पॉलीफेनॉल से भरपूर है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है और दिल की सेहत के लिए अच्छा है।”

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टिट्यूट की न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा सलाह देती हैं कि मखाने को भूनने से पहले काट लें। इससे खराब दाने अलग हो जाते हैं और भूनने पर ज्यादा कुरकुरा बनता है।

लेकिन ज्यादा नहीं!

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इसका अत्यधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है—

  • किडनी स्टोन वाले मरीजों को ऑक्सलेट की अधिकता से दिक्कत हो सकती है।
  • डायबिटीज़ रोगी, अगर इसे अन्य कार्ब्स के साथ अधिक मात्रा में खाएँ, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
  • एलर्जी प्रवृत्ति वाले लोग इसमें से रैशेज़, खुजली या गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का शिकार हो सकते हैं।

नतीजा

मखाना सचमुच सेहत का साथी है—पर सीमित मात्रा में। विशेषज्ञ मानते हैं कि हर किसी को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसका सेवन करना चाहिए और ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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