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राखी, फेनी और माँ 

सावन में मिठाई की दुकान पर घेवर और फेनी देखकर मायके और माँ को याद करती भावुक महिला

सपना परिहार, नागदा जंक्शन

सावन आते ही हर लड़की और महिला को पीहर की याद आने लगती है। मायके जाने का मन करने लगता है। यही सोचकर आज सुमन की आँखें नम हो गईं। बच्चे उसे इस तरह उदास न देखें, इसलिए वह बाज़ार चली गई।

बाज़ार राखी और मिठाई की दुकानों से सजा हुआ था। बाज़ार की रौनक देखते ही बनती थी। अचानक सुमन की नज़र मिठाई की दुकान पर रखे घेवर और फेनी पर पड़ी। उसे देखते ही उसका मन उदास हो गया।

मायके में जब माँ थी, तो वह हमेशा भाई के हाथों फेनी भिजवाती थी, क्योंकि सुमन के यहाँ पहले फेनी नहीं मिलती थी। माँ भाई के हाथ राखी पर अपने नाती-नातिन के लिए उपहार, सुमन के लिए साड़ी और भी बहुत कुछ भेजती थी।

आज जब मायके में कोई नहीं बचा था, तो कौन उसे फेनी और घेवर भेजता? वह उदास मन से घर आई और अपने काम में लग गई।

शाम को पड़ोस की रीना उसके घर फेनी देने आई। वह फेनी उसका भाई लाया था।

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