राखी, फेनी और माँ
सावन की फुहारों के साथ सुमन को अपने मायके और माँ की याद सताने लगती है। राखी, फेनी और घेवर से जुड़ी छोटी-सी याद उसे उन रिश्तों तक ले जाती है, जो अब उसके जीवन में नहीं हैं।

सावन की फुहारों के साथ सुमन को अपने मायके और माँ की याद सताने लगती है। राखी, फेनी और घेवर से जुड़ी छोटी-सी याद उसे उन रिश्तों तक ले जाती है, जो अब उसके जीवन में नहीं हैं।