मनुष्य जन्म चिंतामणि रत्न के समान है, इसे व्यर्थ न गंवाएं

जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते जैन मुनिराज और श्रद्धापूर्वक उपस्थित श्रद्धालु।

ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनिराज श्री डॉ. संयमरत्न विजय जी म.सा. ने ओजस्वी प्रवचन देते हुए कहा

सुरेश परिहार,पुणे

महिदपुर/नागदा।
पुण्य सम्राट एवं वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा. एवं आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वर जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती मुनिराज श्री डॉ. संयमरत्न विजय जी म.सा. एवं मुनिराज श्री भुवनरत्न विजय जी म.सा. आदि ठाणा का मंगल प्रवेश रविवार प्रातः नागदा चौराहा से भव्य धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।सुबह 7 बजे ढोल-नगाड़ों एवं जयघोष के साथ निकली मंगल प्रवेश यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पूज्य गुरुदेव की गहुली कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया गया। धार्मिक उल्लास और श्रद्धा से सराबोर इस अवसर पर वातावरण भक्तिमय हो उठा।

प्रातः 9:15 बजे ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनिराज श्री डॉ. संयमरत्न विजय जी म.सा. ने ओजस्वी प्रवचन देते हुए कहा कि “मनुष्य जन्म चिंतामणि रत्न के समान है, जो बार-बार प्राप्त नहीं होता। इसे धर्म, सदाचार और आत्मकल्याण में लगाना चाहिए।”उन्होंने कहा कि व्यक्ति संसार में मुट्ठी बांधकर आता है और हाथ पसारकर जाता है, इसलिए जीवन में किसी के प्रति वैरभाव नहीं रखना चाहिए। श्रद्धा और शांत भाव से धारण किया गया आचरण ही वास्तविक धर्म है। संसार रूपी सागर से पार होने के लिए जिनेन्द्र भक्ति अर्थात परमात्मा भक्ति ही एकमात्र उपाय है, जो नाव के समान जीव को भवसागर से पार लगाती है।

मुनिराज श्री ने आगे कहा कि किसी भी धर्मोपदेश का सार आत्मा को उज्ज्वल और निर्मल बनाना है। मनुष्य को तन नहीं, बल्कि मन को सजाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि शरीर नश्वर है जबकि आत्मा का कल्याण ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।

इस अवसर पर सा-धार्मिक भक्ति का लाभ पारसमल, निलेश कुमार एवं रितेश कुमार भंडारी परिवार द्वारा लिया गया।जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य मुनिराज श्री का संध्या समय डेलची की ओर विहार होगा तथा अगले दिन प्रातः महिदपुर सिटी पधारेंगे। इसके पश्चात उन्हेल होते हुए उज्जैन की ओर विहार करेंगे। उन्होंने बताया कि पूज्य गुरुदेव का आगामी चातुर्मास कानपुर (उत्तर प्रदेश) में होगा, जिसका मंगल प्रवेश 22 जुलाई को संपन्न होगा। धर्मसभा के दौरान पूज्य मुनिराज श्री के सांसारिक पिता श्री नंदलाल जी का सकल जैन श्री संघ द्वारा बहुमान भी किया गया। इस मंगलकारी अवसर पर सकल जैन श्री संघ, श्री संघ अध्यक्ष अजय चोरड़िया, नवयुवक परिषद, महिला परिषद, बहू परिषद एवं तरुण बालिका परिषद सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।

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