जुलाई की मासिक औसत केवल 8 दिनों में हुई पूरी

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में इस वर्ष जुलाई की शुरुआत रिकॉर्डतोड़ बारिश के साथ हुई है। 1 से 8 जुलाई के बीच हुई भारी वर्षा ने पिछले 57 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई तक शहर में 357 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जुलाई की सामान्य वर्षा का लगभग 194.2 प्रतिशत है। सबसे अधिक बारिश चिंचवड़ क्षेत्र में हुई, जहां सामान्य से 295 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जून में इंतजार, जुलाई में मूसलाधार बारिश
जून महीने में कम बारिश के कारण पुणे के लोग चिंतित थे। अल-नीनो की आशंकाओं ने भी सूखे की चिंता बढ़ा दी थी। जून के अंतिम सप्ताह (24 से 30 जून) में केवल 36 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई शुरू होते ही मौसम ने करवट ली और 1 जुलाई से लगातार आठ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहा।
जलसंकट से मिली राहत
लगातार हुई बारिश से भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहाड़ियां फिर से हरियाली से ढक गई हैं और खड़कवासला बांध श्रृंखला में लगभग 51 प्रतिशत जल भंडारण हो चुका है। इससे पुणे और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
भारी बारिश का शहर पर असर
तेज बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। 200 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। कई घरों में पानी घुस गया, जबकि खराब मौसम को देखते हुए दो दिनों तक स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा।
बारिश का वितरण समान नहीं
इस बार बारिश पूरे शहर में समान रूप से नहीं हुई। चिंचवड़ और कोथरूड जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 15 जुलाई के बीच हल्की बारिश की संभावना है। वहीं 16 और 17 जुलाई को शहर के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल अत्यधिक बारिश की संभावना कम बताई गई है।
पिछले वर्षों के मुकाबले खास रहा 2026
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 1969 के बाद पहली बार जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में इतनी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस वर्ष जुलाई की मासिक औसत वर्षा केवल आठ दिनों में ही पूरी हो गई, जो पिछले 57 वर्षों में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जा रहा है।
