Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
बसंत के मौसम में खिले फूलों और हरियाली के बीच खड़ी एक मुस्कुराती महिला

मौसम-ए-बहार

“मौसम-ए-बहार” एक खूबसूरत हिंदी कविता है, जो बसंत ऋतु की ताजगी, प्रकृति की रंगीन छटा और मन की गहरी भावनाओं को बेहद कोमलता से व्यक्त करती है। इस कविता में बाग-बगीचों की हरियाली, खिलते फूल, और हल्की-हल्की हवाओं का स्पर्श एक जीवंत दृश्य रचते हैं, जो पाठक को सीधे प्रकृति की गोद में ले जाता है।

Read More

आधा केक, पूरी खुशी

यह कहानी एक बच्चे के मन में छिपे लालच से शुरू होकर संवेदना और बाँटने की सीख तक पहुँचती है। सड़क किनारे मजदूर बच्चों को बिस्किट बाँटते देख उसका मन बदल जाता है और वह समझ पाता है कि खुशी जमा करने में नहीं, बाँटने में है।

Read More

“एक जैकेट, एक बच्चा… और पूरा समाज नंगा”

सर्दियों की परतों में लिपटा एक आदमी, और उसी सड़क पर नंगे पाँव खड़ा एक बच्चा हितेश। कुछ ही सवालों में उसकी पूरी दुनिया खुल जाती है: शराब में डूबे पिता, रजाइयाँ बेचती माँ, स्कूल से कोसों दूर सपने, और नीम के नीचे गुज़ारी हर रात। ठिठुरन उस बच्चे की नहीं, उस आदमी की आत्मा में घुसती है, जो अपनी जैकेट उतारकर भी खुद को नग्न महसूस करता है। हितेश की मासूमियत जैकेट पर डियो छिड़ककर “आपसे बदबू नहीं आएगी” कहना उसकी गरीबी से कहीं ज़्यादा क्रूर है।

Read More

फिर से… सिर्फ अपने लिए

रेखा ने बचपन में जो कहानियाँ लिखना शुरू किया था, वो ज़िंदगी की दौड़ में कहीं खो गया था। लेकिन एक पुरानी सहेली की एक बात ने उसके भीतर की सोई हुई लेखिका को फिर जगा दिया। धूल भरी कॉपी, सूखे फूल, और अधूरी कहानियाँ — सब फिर से ज़िंदा हो उठे। कभी-कभी ज़िंदगी वहीं से शुरू होती है, जहाँ हमें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है।

Read More
घर में अकेली बैठी एक बुजुर्ग महिला, खिड़की से आती रोशनी के बीच उदासी और अकेलेपन का भाव

मां की खुशी

‘मां की खुशी’ एक मार्मिक लघु कहानी है, जो माता-पिता के त्याग, उनके अकेलेपन और समाज के डर के बीच उनकी खुशियों के अधिकार को उजागर करती है। यह कहानी रिश्तों की सच्चाई और बदलती सोच को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।

Read More

मुंबई – रत्नागिरी के बीच 6 अतिरिक्त होली

होली के अवसर पर यात्रियों की सुविधा के लिए पनवेल–रत्नागिरी के बीच 6 अनारक्षित मेमू विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी. साथ ही दिवा–चिपलून स्पेशल की तिथियों में बदलाव किया गया है. रेलवे ने यात्रियों से संशोधित समय सारणी की जानकारी लेने की अपील की है.

Read More

पंचक: शुभ-अशुभ का रहस्य और धार्मिक महत्व

पंचक वह समय होता है जब चंद्रमा पाँच विशेष नक्षत्रों में रहता है और इस अवधि को हिंदू धर्म में अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। यह काल विभिन्न प्रकार का होता है—जैसे रोग पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक आदि—जिनमें कुछ कार्यों को करना वर्जित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय सावधानी बरतकर जीवन की अनेक परेशानियों से बचा जा सकता है।”

Read More

ज्ञान परंपरा और भूगोल पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में “भारतीय ज्ञान परंपरा के विशेष संदर्भ में भूगोल विषय” पर केन्द्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज के निर्देशन में कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में भूगोल विषय के पाठ्यक्रम निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करना है।

Read More
“मन का कोना” गोष्ठी में कविता पाठ करते साहित्यकार, कांदिवली मुंबई

कविता की महफिल में सजी ‘मन का कोना’ गोष्ठी

मुंबई के कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स में आयोजित “मन का कोना” साहित्यिक गोष्ठी में रचनाकारों ने काव्यपाठ से समां बांध दिया। इस मासिक आयोजन में बढ़ती भागीदारी इसके विस्तार और लोकप्रियता का संकेत दे रही है।

Read More