Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
Young adult at a crossroads between family values and worldly diplomacy, symbolizing the moral dilemma between ethics and ambition.

संस्कार या सत्ता

यह कहानी बताती है कि कैसे युवा अपने संस्कारों और जीवन मूल्यों के बीच फंस जाते हैं और Diplomacy की दुनिया में कदम रखते ही उन्हें अप्रत्याशित परिणामों का सामना करना पड़ता है

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बदलता वक़्त

कभी अल्हड़ और शरारती रहे हम, अब समझदार होकर चुप्पी में जीना सीख गए हैं। मौसम, बारिश और दोस्तों संग बिताए हंगामे पीछे छूट गए। अब खुशियाँ भी मन में ही दबाकर रख लेते हैं। ज़िंदगी की राह पर निकले तो थे कहीं और, पर दिशा बदल गई और हम धीरे-धीरे बदलते गए।

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सावन, राखी और एक खाली दहलीज़

हर बेटी के लिए मायका सिर्फ़ घर नहीं, सांसों की मिट्टी होता है।पर कुछ बेटियों के हिस्से वो आँगन नहीं आता, जहां राखी, सावन और तीज मुस्कुराते थे। उनके त्योहार भी सादे, आंखें भीगी, और दिल भीतर से थोड़ा रिक्त रहता है…

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दास्तान ए जिंदगी

दास्तान-ए-ज़िंदगी” उस कहानी को बयां करती है जो काग़ज़ पर नहीं, आँखों की नमी में लिखी जाती है। जज़्बात कभी शब्द बनकर नहीं उतरते—वे खून की जुबान में अपनी दास्तान सुनाते हैं। चाँद को दिल में सँभाल कर रखने की मासूम हिदायत है, क्योंकि उसकी चाँदनी भी शरमाती है। रात की वीरानी, सूने सपने और ख़ामोश गलियाँ एक अकेलेपन का नक्श बनाती हैं। फिर भी किसी की मुस्कुराहट दिल की धड़कनों में रवानी भर देती है।

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मेरा श्रृंगार

यह कविता उस प्रेम की है जहाँ साथी केवल जीवन का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन का श्रृंगार बन जाता है। मेंहदी की खुशबू, चूड़ियों की खनक और पायल की रुनझुन सब उसी के स्पर्श से अर्थ पाते हैं। सुख–दुख में साथ निभाने वाले प्रेम के उस रूप को यह पंक्तियाँ समर्पित हैं, जो मोह-माया से परे होकर भी दिल पर अपना गहरा रंग छोड़ जाता है. जैसे आत्मा का श्रृंगार।

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आँखों की ख़ामोशी

इन आँखों की ख़ामोशी में एक दबी हुई रागिनी है अनकहे शब्दों की, आधी छूटी कहानियों की। चेहरे पर ठहरी शांति और निगाहों में उठते-गिरते समंदर के बीच एक गहरा मंथन छुपा है। ये आँखें जैसे हर सवाल का जवाब अपने भीतर समेटे बैठी हों, मानो कह रही हों कि उन्होंने बहुत कुछ देखा है… पर कहने के लिए अभी बहुत कुछ बाकी है।

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गुप्त प्रेम

मैं तुम्हें शब्दों में नहीं, तुम्हारी ख़ामोशी में चुनता हूँ। जैसे अँधेरी रात में जुगनू से रोशनी मिलती है, वैसे ही तुम मेरे भीतर उजाला भर देती हो। मैं तुम्हारे एकांत में भी तुम्हें प्रेम करता हूँ, क्योंकि वहाँ तुम सबसे सच्ची होती हो। सपनों में तुम्हारा कोई अंत नहीं होता — इसलिए तुम्हें मैं अपनी आख़िरी साँस तक माँगता रहूँगा।

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नैनों के दर्पण में

“नैनों के दर्पण में तेरी तस्वीर उभरती है, तेरे बिना हर पल वीरान लगता है। तेरी यादों का जादू मेरे दिल में बसा है, और तेरी खुशबू हवाओं में घुलकर मेरी दुनिया को रंगीन बना देती है।”

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हमको सूरज है बनना

“हमको सूरज है बनना—चाहे जलना पड़े। अंधकार दूर भगाना, पाप मिटाना और जीवन में प्रकाश फैलाना ही हमारा प्रण है। यह कविता साहस, एकता और सेवा की प्रेरणा देती है।”

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स्त्री मन

एक स्त्री का मन बेहद संवेदनशील और मजबूत होता है। किसी के चले जाने का एहसास उसे अंदर से हिला देता है, लेकिन वही स्त्री अपनी पीड़ा को सहकर अपने अपनों के लिए जीवित रहती है। अकेलेपन और खामोशियों के बीच भी वह निरंतर प्रयास करती है, असंभव को संभव बना देती है, और छल जाने पर भी दूसरों के लिए दुआएँ देती है। स्त्री का मन भावनाओं और बलिदान का प्रतीक है।

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