प्रेम और विरह में डूबी एक महिला की भावुक प्रतीक्षा को दर्शाती यथार्थवादी छवि।

सजल

प्रेम की तन्हाइयों, विरह की पीड़ा और मिलन की अनंत प्रतीक्षा को भावपूर्ण शब्दों में पिरोती यह सुंदर सजल पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करती है। प्रेम में समर्पण, यादों की बेचैनी और मिलने की अटूट चाह इस रचना को अत्यंत मार्मिक बना देती है।

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कोरे पन्नों पर रंग भरती प्रेम भावना को दर्शाती हिंदी कविता “मैं इक किताब”

मैं इक किताब…

हम सबके भीतर एक कोरा पन्ना होता है, जिस पर समय और अनुभव धीरे-धीरे अपने रंग भरते हैं। इन्हीं रंगों से जीवन की कहानी बनती है. कभी खुशी, कभी अधूरी इच्छाओं के साथ। अंततः यही भावनाएँ हमें एक ऐसी किताब में बदल देती हैं, जिसे हम जीते भी हैं और समझते भी हैं।

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शिव पार्वती का दिव्य मिलन दर्शाती भावपूर्ण हिंदी कविता, तप और समर्पण का प्रतीक

आत्मा का समर्पण

हिमालय की गोद में जन्मी पार्वती के मन में केवल महादेव का ही नाम बसा था। उन्होंने कठोर तपस्या और अटूट विश्वास के साथ हर क्षण शिव को पुकारा। ऋतुएँ बदलती रहीं, समय बीतता रहा, पर उनका संकल्प कभी नहीं डगमगाया।

कैलाश पर समाधि में लीन शिव के भीतर भी एक सूक्ष्म स्पंदन था, जो पार्वती की भक्ति को महसूस कर रहा था। जब दोनों की दृष्टि मिली, तो वह मिलन केवल प्रेम नहीं, बल्कि आत्मा के पूर्ण समर्पण का प्रतीक बन गया जहाँ ‘मैं’ समाप्त होकर ‘हम’ का जन्म होता है।शिव और पार्वती का यह संग सृष्टि का आधार है, जो प्रेम, विश्वास और ऊर्जा का अनंत प्रकाश फैलाता है।

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"बोगनवेलिया सी लड़की: थोड़े प्यार में खिलने वाली मासूम कहानी"

बोगनवेलिया सी लड़की

यह कविता एक ऐसी सरल और संवेदनशील लड़की का चित्र खींचती है, जो बहुत कम चाहतों में भी खुश रहना जानती है। उसे बस थोड़ा सा प्यार और देखभाल चाहिए, और बदले में वह अपने स्नेह और समर्पण से जीवन को फूलों सा सजा देती है। वह बोगनवेलिया की तरह है नाज़ुक भी, मगर भीतर से बेहद मजबूत। चाहे परिस्थितियाँ उसे काटें-छांटें, वह बिना शिकायत खामोशी से अपने प्रेम और मासूमियत को बनाए रखती है।

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आत्मविश्वास से खड़ा व्यक्ति, चुनौतियों के बीच सफलता की ओर बढ़ता हुआ

“जिद से पहचान”

बदनाम से पहचान तक” एक गहरी भावनात्मक हिंदी ग़ज़ल है, जो इंसान के संघर्ष, आत्मसम्मान और समाज की बदलती सोच को दर्शाती है। यह ग़ज़ल बताती है कि जीवन में बदनामी या असफलता अंत नहीं होती, बल्कि वही हमारे लिए एक नई पहचान बनाने का अवसर बनती है। आज के दौर में जब लोग अक्सर दूसरों के बारे में जल्दी राय बना लेते हैं, यह रचना हमें धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास का महत्व सिखाती है।

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अल्हड़-सी मुस्कुराती भारतीय लड़की, चेहरे पर हल्की मुस्कान लेकिन आंखों में छुपा दर्द, रात का शांत वातावरण और भावनात्मक माहौल

मैं अल्हड़-सी लड़की

वह खुद को अल्हड़ कहती है- हँसती, खिलखिलाती, सबके बीच सहज दिखती हुई। मगर इस सहजता के पीछे एक शांत, गहरा सन्नाटा है, जहाँ उसके अधूरे ख़्वाब और अनकहे दर्द पलते हैं। वह अपने आँसुओं को पलकों में सजा कर रखती है, ताकि दुनिया उसकी मुस्कान ही देखे। रिश्तों की भीड़ में भी वह खुद को खोजती रहती है, हर बार टूटकर फिर संभल जाती है। उसकी कहानी शोर नहीं करती बस धीमे-धीमे महसूस होती है, जैसे रात की तन्हाई में कोई ख़ामोश उजाला।

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नवरात्रि में सजी हुई माँ दुर्गा की प्रतिमा, दीपों और भक्तों के साथ पूजा का दृश्य

माँ का आगमन

“माँ के आगमन का पैगाम” एक सुंदर और भावपूर्ण भक्ति कविता है, जो नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के आगमन की खुशी और आध्यात्मिक ऊर्जा को व्यक्त करती है। इस कविता में प्रकृति और मानव जीवन के बीच के उस गहरे संबंध को दर्शाया गया है, जो माँ के आगमन के साथ नवजीवन और उत्साह से भर उठता है।

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Live Wire News लेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित, 3 को प्रथम पुरस्कार

मौसमी चंद्रा, रेनू शब्द मुखर और डॉ. रत्ना माणिक ने जीता प्रथम पुरस्कार

लाइव वॉयर न्यूज लेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। मौसमी चंद्रा,रेनू
शब्द मुखर और डॉ. रत्ना माणिक ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि अन्य रचनाकारों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

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