यादें
विदेश में वतन की याद
विदेश की ठंडी हवाओं में भी दिल अपने वतन की खुशबू खोजता रहता है। यह कविता परदेस में रहकर भारत और अपनों की यादों को महसूस करने वाले हर भारतीय की भावनाओं को शब्द देती है।
धागों से परे
कुछ रिश्ते डोरियों से नहीं, आत्मा के एहसासों से बंधे होते हैं। “धागों से परे” एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जिसमें कठपुतलियाँ प्रेम, बिछड़न और मुक्ति का प्रतीक बन जाती हैं।
सब कुछ याद है मुझे
विजया डालमिया, हैदराबाद वो हमारा दीवानापन थाया बचपन की मोहब्बत,जिसे दोस्ती का नाम देकरकरते थे हर पल शरारत। बड़े होने पर भीसब कुछ याद है मुझे…. छोटी-छोटी ज़िद, छोटी-छोटी तकरार,देती थी लंबी-सी खुशी।वो तपती धूप मेंएकटक उसके घर की ओर ताकते रहना,उसकी एक झलक पाने के लिए। पैरों में पड़े फफोलों को देखकरउसका मुझे डाँटना,और…
यादों का सफर
यह कविता सच्ची दोस्ती के उन अनमोल पलों को दर्शाती है, जहाँ बिना किसी रिश्ते के भी दिल गहराई से जुड़ जाते हैं और जीवन को खूबसूरत बना देते हैं।
खुशबू वाला शहर
ट्रेन के एक छोटे से ठहराव ने अमृता के दिल में दबी यादों को फिर जगा दिया। सूखा गुलाब, सुनहरा पेन और बीते लम्हों की खुशबू के बीच यह कहानी प्रेम, दूरी और अधूरी मोहब्बत का दर्द समेटे हुए है।
इंतज़ार का मौसम
यह ग़ज़ल इंतज़ार, जुदाई और प्यार की गहराई को बेहद खूबसूरती से बयां करती है, जहां हर लफ्ज़ दिल की बेचैनी और यादों का दर्द महसूस कराता है।
तेरे जाने के बाद
“तेरे जाने के बाद” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो किसी अपने के बिछड़ने के बाद जीवन में आए बदलावों को दर्शाती है। इसमें जिम्मेदारियों के बीच छिपे दर्द, घर के खाली कोने, यादों की चुप्पी और समय की सच्चाई को बेहद संवेदनशीलता से व्यक्त किया गया है। यह कविता बताती है कि समय घाव भरता नहीं, बल्कि जीना सिखाता है। मुस्कान के पीछे छिपा खालीपन और भीतर की थकान हर उस व्यक्ति की भावना है जिसने किसी खास को खोया है। यह कविता दर्द के साथ जीवन की परिपक्वता भी सिखाती है।
पहला प्यार
एक साधारण-सा पोस्टकार्ड, जो जीवन के पहले प्यार की सबसे अनमोल निशानी बन जाता है। यह लघुकथा यादों और भावनाओं के उस कोमल संसार में ले जाती है, जहाँ पहला प्रेम कभी भुलाया नहीं जा सकता।
