स्तुति जैन ने हासिल किए 91 प्रतिशत अंक
महिदपुर रोड की स्तुति जैन ने आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल नागदा से CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और नगर को गौरवान्वित किया है।

महिदपुर रोड की स्तुति जैन ने आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल नागदा से CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और नगर को गौरवान्वित किया है।
महिदपुर रोड में स्व. सुरेश चंद्र चत्तर की पुण्यतिथि पर आयोजित गौसेवा कार्यक्रम ने समाज में सेवा, संवेदनशीलता और जीवदया का प्रेरक संदेश दिया।
महिदपुर रोड के बाजार में दुकानों के बाहर रखी एक साधारण कुर्सी कभी व्यापार की एक अनोखी परंपरा का प्रतीक हुआ करती थी। यह कुर्सी बताती थी कि दुकान की ‘बोनी’ हुई है या नहीं, और इसी के साथ जुड़ी थी आपसी समझ, अपनापन और बाजार की अनकही भाषा। आज भले ही समय बदल गया हो, लेकिन यह कुर्सी अब भी उन सुनहरी यादों को जीवित रखे हुए है।
महिदपुर रोड में वर्ष 2026 का भव्य चातुर्मास डॉ. साध्वी अमृतरसा श्री जी म.सा. के सान्निध्य में आयोजित होगा। चार माह तक नगर में जप, तप, साधना और धर्म-ज्ञान की अविरल गंगा प्रवाहित होगी।
महिदपुर रोड में महावीर जन्म कल्याणक पर भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नगर को भक्ति में सराबोर कर दिया।
महिदपुर रोड में टीआई मदन सिंह पंवार ने श्मशान समिति को ₹51,000 की दान राशि देकर समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उनके इस कदम से न केवल विकास कार्यों को बल मिलेगा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।
महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होली और रंगपंचमी के अवसर पर लगने वाला डोल मेला आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। झरावदा, गोगापुर और कसारी जैसे गांवों में श्रद्धालु अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
महिदपुर रोड की 95 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका श्यामलता शर्मा, जिन्हें पूरा क्षेत्र “बड़ा बैनजी” के नाम से जानता था, अब हमारे बीच नहीं रहीं। बेटियों की शिक्षा के लिए उनका संघर्ष, उनका स्नेह और उनकी रोशन मुस्कान पीढ़ियों तक याद की जाएगी।
पुण्योदय के योग से हमें परमात्मा का जिन शासन और जैन कुल प्राप्त हुआ है. मनुष्य भव को सफल बनाने के लिए केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और विधिपूर्वक अष्टप्रकारी पूजा के साथ धर्म आराधना आवश्यक है. देव, गुरु और धर्म के प्रति जागृत भाव ही जीवन को सही दिशा देते हैं.