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अकेला व्यक्ति चाँदनी रात में बैठा, उदासी और यादों में खोया हुआ

इश्क़, दर्द और खामोशी

ह ग़ज़ल इश्क़, दर्द और तन्हाई की गहरी भावनाओं को बयां करती है। टूटे हुए दिल, अधूरे ख़्वाब और यादों के सहारे जीने की पीड़ा को बेहद खूबसूरती से शब्दों में पिरोया गया है।

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काँटों के बीच खिला हुआ लाल गुलाब, दर्द और खूबसूरती का प्रतीक

फूल

काँटों के बीच खिला वह फूल केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं था, बल्कि सहनशीलता की जीवित मिसाल था।
हर पंखुड़ी में छुपा दर्द, हर खुशबू के पीछे अनगिनत चोटों की कहानी थी।उसने सिखाया-ज़िंदगी में खूबसूरती नाज़ुक होने में नहीं,बल्कि टूटकर भी महकते रहने में है।

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मन की भावनाओं के सैलाब और नदी के प्रतीक के माध्यम से जीवन, संघर्ष और प्रतीक्षा को दर्शाती हिंदी कविता

मन की नदी में उठता सैलाब

यह कविता मन की गहराइयों में उठते भावनाओं के सैलाब को नदी के रूपक के माध्यम से व्यक्त करती है। कभी शांत तो कभी उफनती यह मन की धारा जीवन के संघर्ष, पीड़ा और प्रतीक्षा को अपने साथ बहा ले जाती है। घाट, शिवलिंग, मणिकर्णिका और लहरों के प्रतीक इस यात्रा को आध्यात्मिक और यथार्थ दोनों रूपों में प्रस्तुत करते हैं। यह रचना केवल भावनाओं का प्रवाह नहीं, बल्कि अस्तित्व की खोज, टूटन और समर्पण का भी चित्रण है, जहाँ अंततः प्रतीक्षा भी थककर समाप्त हो जाती है।

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कैक्टस: एक स्त्री की पीड़ा, प्रेम और स्वाभिमान की मार्मिक कहानी

कैक्टस

जूही दी की कहानी सिर्फ एक स्त्री की नहीं, बल्कि उन अनगिनत महिलाओं की दास्तान है जो रिश्तों को निभाते-निभाते खुद को खो देती हैं. जीवन भर उपेक्षा और भावनात्मक पीड़ा सहने के बाद जब बीमारी ने उनके शरीर को जकड़ लिया, तब भी उनके भीतर स्वाभिमान जीवित रहा. “कैक्टस” की तरह चुभते रिश्तों के बीच जीती हुई जूही दी अंततः एक ऐसे निर्णय के सामने खड़ी थीं, जहां दर्द से मुक्ति और आत्मसम्मान की रक्षा ही उनकी अंतिम इच्छा बन गई.

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तन्हाई: भीड़ में खोई आत्मा

तन्हाई…

यह कविता “तन्हाई” इंसान के उस दर्द को उजागर करती है, जब वह भीड़ में रहकर भी खुद को अकेला महसूस करता है। इसमें जीवन के संघर्ष, टूटे सपनों और भावनात्मक खालीपन को बेहद संवेदनशील शब्दों में व्यक्त किया गया है।

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सांझ के समय सुनसान रास्ते पर खड़ा एक अकेला व्यक्ति, बिछड़ते प्रेम और यादों के दर्द को दर्शाता हुआ दृश्य

तुम खो गए हो

यह ग़ज़ल एक ऐसे प्रेम की कहानी कहती है, जो साथ चलते-चलते कहीं खो गया। इसमें यादों की टीस, अधूरी मुलाकातें और इश्क़ की सच्चाई को बेहद मार्मिक तरीके से व्यक्त किया गया है। हर पंक्ति दिल के किसी कोने को छू जाती है और पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ देती है।

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