Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
खिड़की के पास बैठा एक अकेला व्यक्ति, हाथ में ख़त लिए, जो इंतज़ार और अधूरे इश्क़ को दर्शाता है

ख़ामोशी के पते

कुछ पतों के पते कभी मिलते नहीं, और कुछ खतों के जवाब लौटकर नहीं आते। ये कविता अधूरी मोहब्बत, अनकहे जज़्बात और खामोश इंतज़ार की एक सजीव तस्वीर पेश करती है—जहाँ भावनाएं शब्दों से कहीं ज़्यादा कह जाती हैं।

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