अक्षय तृतीया से विवाह, गृह प्रवेश और संस्कारों की धूम
उज्जैन. 14 अप्रैल से खरमास समाप्त होते ही शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत जैसे सभी शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा. इस बार 20 अप्रैल की अक्षय तृतीया को विशेष महत्व है, जिसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह समय न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा. विवाह सीजन शुरू होने से बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी.
नीचे विभिन्न मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त दिए गए हैं
विवाह के शुभ मुहूर्त
अप्रैल – 20, 21, 26
मई – 5, 6, 7, 8, 14
जून – 19, 20, 22, 23, 26, 27, 28, 29
जुलाई – 1, 6, 7
गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त
अप्रैल – 20, 24, 29
जून – 24, 27
जुलाई – 1, 8, 11
यज्ञोपवीत (उपनयन) के मुहूर्त
अप्रैल – 20
मई – 3, 6, 7
जून – 17, 19, 24
मुंडन संस्कार के शुभ मुहूर्त
अप्रैल – 20, 21, 23, 24
मई – 4, 9, 10, 14
जून – 17
अक्षय तृतीया, यानी 20 अप्रैल, इस पूरे सीजन का सबसे खास दिन रहेगा. इस दिन बड़ी संख्या में विवाह और गृह प्रवेश होने की संभावना है. कुल मिलाकर, 14 अप्रैल के बाद का समय खुशियों, उत्सव और मांगलिक कार्यों की नई शुरुआत का संकेत दे रहा है, जहां एक बार फिर परिवारों में समारोहों की रौनक देखने को मिलेगी.

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