केदारनाथ हेली सेवा में बड़ा बदलाव, अब दलालों पर रोक

केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हेलीपैड पर खड़ा हेलीकॉप्टर और यात्री

100% ऑनलाइन बुकिंग, सख्त नियम और नई कंपनियों की एंट्री से बदलेगा यात्रा अनुभव

सुरेश परिहार, संपादक, पुणे

नई दिल्ली/देहरादून.

केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है .केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग 10 से 12 अप्रैल के बीच शुरू होगी, लेकिन इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत ऑनलाइन कर दी गई है. इसका सीधा उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और धोखाधड़ी पर पूरी तरह रोक लगाना है.

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UKADA हेली सेवा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. पहले की तरह इस बार भी बुकिंग का जिम्मा आईआरसीटीसी के पास रहेगा, लेकिन ऑफलाइन टिकट पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं.

इस फैसले से सबसे ज्यादा असर उन दलालों पर पड़ेगा, जो हर साल श्रद्धालुओं से अधिक पैसे लेकर टिकट उपलब्ध कराते थे. अब यात्रियों को सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से टिकट मिलेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी.

भीड़ और मौसम को ध्यान में रखते हुए इस बार बुकिंग को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. शुरुआत में 20-20 दिनों के स्लॉट में टिकट जारी किए जाएंगे. इसके बाद मौसम और यात्रियों की संख्या का आकलन कर अगली बुकिंग खोली जाएगी. इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

इस बार हेली सेवा का दायरा भी बढ़ाया गया है. कुल 8 रूटों पर सेवाएं संचालित होंगी और 8 अलग-अलग ऑपरेटरों को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें चिप्सन एविएशन, राजस एयरो स्पोर्ट्स, थम्बी एविएशन, पिलग्रिमेज एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विसेज, ट्रांसभारत एविएशन और एरो एयरक्राफ्ट शामिल हैं. खास बात यह है कि इनमें से तीन कंपनियां पहली बार चारधाम यात्रा में अपनी सेवाएं देंगी, जिससे प्रतिस्पर्धा और सेवा गुणवत्ता दोनों में सुधार की उम्मीद है.

पिछले वर्षों में रिफंड को लेकर यात्रियों को हुई परेशानियों को देखते हुए इस बार यूकाडा ने सख्त रुख अपनाया है. रिफंड प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया गया है. साथ ही, जिन ऑपरेटरों के खिलाफ लापरवाही या देरी की शिकायत मिलेगी, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

कुल मिलाकर, इस बार केदारनाथ हेली सेवा केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि एक नियंत्रित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम की ओर बड़ा बदलाव साबित हो सकती है.

2 thoughts on “केदारनाथ हेली सेवा में बड़ा बदलाव, अब दलालों पर रोक

  1. केदार वैली को अगर भविष्य के लिए बचाना है तो ये हेलीकाप्टर सेवा बंद होना चाहिए। मेरा ये अनुभव रहा है की सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार ध्वनि प्रदूषण इस कदर होता है, कि आप जिस आध्यात्म और शांति की खोज में अगर वहां जाते हो तो ये बहुत ही डिस्टर्बिंग लगता है। ऐसी जगहों को आधुनिकता से दूर रखना ही बेहतर होगा।अब सुनने में आ रहा है, कि रोपवे भी लगाया जा रहा है।

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