घर बैठे जनगणना: अब मोबाइल से भरें फॉर्म
भारत में पहली डिजिटल जनगणना के तहत नागरिक 16 से 30 अप्रैल तक घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म सबमिट करने के बाद उन्हें SE-ID मिलेगी, जिससे डेटा का सत्यापन किया जाएगा।

भारत में पहली डिजिटल जनगणना के तहत नागरिक 16 से 30 अप्रैल तक घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म सबमिट करने के बाद उन्हें SE-ID मिलेगी, जिससे डेटा का सत्यापन किया जाएगा।
बुढ़ापा जब शरीर को नहीं, आत्मसम्मान को थका देता है.तब बहू के हाथ का हलवा भी माँ की आँखों में
बीते दिनों की कसक भर देता है।
रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) 12 मार्च 2026 की रात 11.45 बजे से 13 मार्च 2026 की सुबह 3.15 बजे तक बंद रहेगी. इस दौरान सिस्टम में डिस्क डी-फ्रैग्मेंटेशन का रखरखाव कार्य किया जाएगा.
पुणे में 18 जनवरी को चौथा ‘रिवायत’ कार्यक्रम उस्ताद हमीद खान की याद में आयोजित किया जा रहा है। डॉ. बिपुल कुमार राय और अतुल खांडेकर भी इस संगीत संध्या में अपनी कला पेश करेंगे।
“स्मृति नाद” अपूर्वा की ऐसी काव्य कृति है, जो स्मृतियों, रिश्तों और भावनाओं के गहरे संसार को सजीव करती है। इसमें मां, पिता और बचपन से जुड़ी अनुभूतियां इतनी सजीव हैं कि पाठक केवल पढ़ता नहीं, बल्कि उन्हें जीने लगता है।
“पल्लू में बँधा आसमाँ” माँ की ममता, स्मृतियों और भावनात्मक विरासत को समर्पित एक मार्मिक हिंदी कहानी है। माधव अपनी दिवंगत माँ की पुरानी साड़ी को केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि बचपन की सुरक्षा, प्रेम और अपनत्व का प्रतीक मानता है। उसकी मंगेतर अनन्या उस साड़ी को अपने विवाह के जोड़े का हिस्सा बनाकर यह सिद्ध करती है कि सच्ची विरासत वस्तुओं में नहीं, उनसे जुड़ी भावनाओं में बसती है। यह कहानी माँ के अटूट स्नेह और परिवार के अमूल्य रिश्तों को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।
“जल रागिनी” एक सुंदर प्रकृति कविता हिंदी में लिखी गई रचना है, जिसमें सूर्य किरणें और सागर के अद्भुत संगम को संगीतात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह जल रागिनी कविता प्रकृति के उस जीवंत क्षण को दर्शाती है, जब सूर्य की किरणें समुद्र की सतह पर थिरकती हुई जीवन, ऊर्जा और सौंदर्य का संदेश देती हैं। इस प्रकृति कविता में सागर और प्रकाश के मिलन को मानो एक दिव्य नृत्य के रूप में चित्रित किया गया है, जो पाठक को शांति, आनंद और आंतरिक अनुभूति से भर देता है।
क्या प्रेम को एक नई शुरुआत दी जा सकती है? प्रस्तुत कविता ‘प्रेम का नया सफ़र’ अधूरे ख़्वाबों, अनकही भावनाओं और साथ निभाने के नए संकल्प की संवेदनशील अभिव्यक्ति है।