gulmohar

साथ मेरा…..

मधु चौधरी, लेखिका, बोरीवली (मुंबई) हर सांचे में ढलने का हुनर रखती हूंकहर बरपा हो तो भी साथ निभाने काहुनर रखती हूंफेरों का हो या ना हो बंधनवादे करके निभाने काहुनर रखती हूंतेरे दुख में , तू ना डूबे यह भी हुनर रखती हूंतेरे सुख में , तू ना बहके यह भी हुनर रखती हूंबस…

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चोर को पकड़ने के बाद भी भूख के डर से जूझता एक गरीब मजदूर शंभू

डर

चोर को पकड़ने वाला साहसी शंभू किसी इंसान से नहीं डरता, लेकिन जब पत्नी उससे उसके सबसे बड़े डर के बारे में पूछती है, तो उसका उत्तर समाज की सबसे कड़वी सच्चाई उजागर कर देता है—भूख।

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कठिन पहाड़ी रास्ते पर आगे बढ़ता यात्री, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक

चलता चल राही

चलता चल राही” एक प्रेरणादायक कविता है, जो बताती है कि जीवन की राह में कांटे, बाधाएँ और संघर्ष आएँगे, लेकिन रुकना नहीं बस चलते रहना ही विजय का मार्ग है।

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चांदनी रात में खड़े एक भारतीय स्त्री और पुरुष के बीच रौशनी की आध्यात्मिक डोर, जो रूहानी प्रेम और आत्माओं के गहरे जुड़ाव का प्रतीक है।

इश्क सूफियाना

कुछ रिश्ते नाम, दूरी और मुलाकातों के मोहताज नहीं होते। वे दिल से नहीं, रूह से जुड़ते हैं। रूहानी प्रेम एक ऐसा सूफ़ियाना एहसास है, जहाँ दो आत्माएं एक-दूसरे की खुशी, दर्द और खामोशियों को बिना कहे समझने लगती हैं।

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चांदनी रात में समुद्र किनारे खड़ा एक अकेला व्यक्ति क्षितिज की ओर देख रहा है। किनारे से टकराती लहरें, गीली रेत पर पदचिह्न और शांत वातावरण प्रेम, यादों और विरह की भावनाओं को दर्शा रहे हैं।

लहरों सी मेरी यादें…

कुछ यादें समंदर की लहरों जैसी होती हैं। वे बार-बार दिल के किनारे से टकराती हैं और किसी अपने का नाम फिर से लिख जाती हैं। यह कविता प्रेम, विरह और उन यादों की कहानी है, जो समय बीत जाने के बाद भी दिल में जीवित रहती हैं।

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बारिश की शाम खिड़की के पास बैठी एक युवती, हाथ में चाय का कप और दूर देखते हुए अपने प्रिय को याद करती हुई।

तुम मेरे हो

क्या हर प्रेम को नाम देना ज़रूरी होता है? यह कहानी अनन्या और आरव की है, जिनके बीच कभी मुलाकात नहीं हुई, फिर भी उनकी आत्मीयता हर दूरी से बड़ी बन गई। यादों, इंतज़ार और अनकहे प्रेम से सजी यह कहानी दिल को गहराई से छू जाती है।

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स्त्री : ‘एक मैनुअल’

समाज ने औरत के अस्तित्व को एक ऐसे समीकरण में बैठाया है जो कभी भी अपना फॉर्मूला बदल सकता है मनचाहा उत्तर पाने के लिए । व्यंग है दोहरे मापदंड वाले समाज पर जो औरत को हर पल एक स्केनर के नीचे रखता है ।

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महिदपुर रोड में गुरु सप्तमी महापर्व की रहेगी धूम

महिदपुर रोड स्थित श्री स्थानीय सुविधिनाथ जैन मंदिर में गुरु सप्तमी महापर्व के अवसर पर प्रभात फेरी, भक्तांबर पाठ, गुरु इक्कीसा, गुरुपद महापूजन, महाआरती एवं भक्ति संध्या सहित विविध धार्मिक आयोजनों का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसमें महिला मंडल, बहु मंडल की सक्रिय सहभागिता रहेगी।

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वृद्धाश्रम के कमरे में खिड़की के पास बैठी एक वृद्ध माँ, आँखों में आँसू और हाथों में परिवार की पुरानी तस्वीर, बाहर दीपावली की रोशनी और भीतर गहरा अकेलापन।

टूट जाती हूँ जब…

वृद्धाश्रम में रह रही एक माँ के मन की पीड़ा, बच्चों के प्रति अटूट प्रेम और उपेक्षा के दर्द को अभिव्यक्त करती यह मार्मिक कविता पाठकों को रिश्तों, संस्कारों और मानवीय संवेदनाओं पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती है।

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6.5 फीट ऊंचा अजय राज गेहूं खेत में खड़ा हुआ

7 फीट का सुपर गेहूं आंधी-तूफान भी बेअसर

राजस्थान के किसान विकास कुमार सैनी ने 9 साल की मेहनत से ‘अजय राज’ नामक 6.5 से 7 फीट ऊंची गेहूं की किस्म विकसित की. यह मौसम प्रतिरोधी, पोषण से भरपूर और 40-45 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन देने वाली किस्म है.

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