Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
विरह में डूबी एक स्त्री, दूर जाती परछाईं को निहारती हुई, आँखों में प्रेम और प्रतीक्षा का गहरा भाव।

नज़र से जुदा

कुछ लोग नज़रों से दूर हो जाते हैं, मगर दिल से नहीं। यह कविता उसी विरह, स्मृति और लौट आने की उम्मीद का गीत है, जहाँ प्रेम जुदाई के बाद भी सांस लेता रहता है।

Read More
शत्रुंजय महातीर्थ की 7 यात्रा पूर्ण करने वाले तपस्वी अंकित बोथरा का जैन नवयुवक परिषद द्वारा स्वागत

तपस्वी अंकित बोथरा का किया बहुमान

अखिल भारतीय राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद शाखा महिदपुर रोड द्वारा शत्रुंजय महातीर्थ पालीताणा की 7 यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले तपस्वी अंकित बोथरा का भव्य स्वागत एवं बहुमान किया गया।

Read More

डाक चाचा: पत्रों में बसी यादें

डाकिया हमारे बचपन और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा थे। उनका नाम सुनते ही एक अलग ही दुनिया आंखों के सामने जीवंत हो उठती — खाकी वर्दी, साइकिल की खड़खड़ाहट और हाथों में थैला। वे सिर्फ़ पत्र और पार्सल नहीं लाते थे, बल्कि अपनों का प्यार, उम्मीद और आशीर्वाद भी अपने साथ लाते थे। इस लेख में हम उन दिनों की झलकियाँ साझा कर रहे हैं, जब हर चिट्ठी का इंतजार दिल की धड़कनें बढ़ा देता था और हर पार्सल में खुशी और उत्सुकता समाई होती थी।

Read More
माँ और बेटी का भावुक दृश्य, बेटी अपनी माँ को लाल लिपस्टिक लगाते हुए, जीवन में रंग लौटने का प्रतीक

न्यूड लिपस्टिक

नई उम्र में ही रंजू की दुनिया जैसे अचानक रंगहीन हो गई थी। जिस आईने के सामने वह कभी सजती-संवरती थी, अब उसी आईने में उसे अपना चेहरा भी अजनबी सा लगता था। बारहवें के दिन जब ननद उसके लिए श्रृंगार का सामान लेकर आई, तो उसके भीतर दबा हुआ सारा दर्द आँसुओं में बह निकला“अब इन सबका क्या करूँ दीदी?”

Read More
अलमारी में टंगे रंग-बिरंगे लेहंगे को देखती एक भारतीय महिला, शादी और पारिवारिक यादों में खोई हुई, भावनात्मक और यथार्थवादी दृश्य।

रिश्ते

खुश्बू गोयल, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) वो लेहंगा, जो भैया की शादी में लिया था,उसकी भी बड़ी अजीब कहानी है। जब भी अलमारी खोलूँ,माँ को बस वही नज़र आता है,और हर बार की तरहउनका कहना शुरू हो जाता है “इतना भारी लेहंगा क्यों लिया था,जब तुझे पहनना ही नहीं था?” बस एक बार भैया की शादी…

Read More
लकड़ी की मेज पर खुली किताब और लैपटॉप के साथ किताबों और डिजिटल युग के भावनात्मक संबंध को दर्शाता दृश्य।

किताब दिल में, लैपटॉप हाथ में

‘किताब दिल में, लैपटॉप हाथ में’ कविता किताबों की आत्मीयता, काग़ज़ की खुशबू और डिजिटल दौर की तेज़ रफ़्तार के बीच छुपे भावनात्मक संघर्ष को व्यक्त करती है। यह रचना बदलते समय को स्वीकारते हुए भी दिल में बसती किताबों की अमिट जगह को संवेदनशील शब्दों में उकेरती है।

Read More
मेगावॉट बिजली आपूर्ति की तैयारी, उज्जैन में मेगा प्लान

सिंहस्थ के लिए बिजली की मेगा तैयारी

आगामी सिंहस्थ महापर्व को लेकर ऊर्जा विभाग ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, मेला क्षेत्र में अनुमानित 230 मेगावॉट बिजली की मांग को पूरा करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।

Read More
छोटे किराए के कमरे में खड़ी एक युवती, टूटी-फूटी व्यवस्था के बीच अपने नए जीवन की शुरुआत करती हुई

जीने के लिये

यह कहानी एक युवती की है, जो सपनों के साथ दिल्ली आती है, लेकिन पहले ही दिन उसे कठिन वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है। खराब कमरे और असहयोगी माहौल के बावजूद वह हार नहीं मानती। अपने आत्मविश्वास और जज़्बे से वह हालात को बदल देती है। यह कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है, जो जीवन में संघर्षों के बीच भी आगे बढ़ना चाहता है।

Read More

जब काली बिल्ली ने मेरा मन पढ़ लिया

“यह कहानी एक अकेले रहने वाले व्यक्ति और एक रहस्यमयी काली बिल्ली के बीच बनते एक अनोखे, गहरे और आत्मीय रिश्ते की है। कुछ दिनों का यह साथ न सिर्फ उसकी बिल्ली पालने की इच्छा पूरी करता है, बल्कि यह एहसास भी देता है कि कभी-कभी जानवर हमारे मन की बात हमसे पहले जान लेते हैं।”

Read More